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Meerut News: 10 दिन पहले खुले गेहूं क्रय केंद्रों को किसानों का इंतजार

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हस्तिनापुर में सुनसान पड़ा एफसीआई का गेहूं खरीद केंद्र स्रोत संवाद
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खरखौदा। सरकार द्वारा गेहूं खरीद के लिए 30 जून को क्रय केंद्र संचालित कर दिए गए थे लेकिन 10 दिन बाद भी खरखौदा में क्रय केंद्रों पर एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। हालांकि खरीद करने वाली संस्थाओं ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी खुशहाल देव के अनुसार प्रत्येक वर्ष प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव फेडरेशन (पीएसएफ), भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), खाद्य विभाग (आईएफसी) व (ईपीएसएस) के माध्यम से किसानों से गेहूं की खरीद करती है। इस वर्ष ईपीएसएस खरीदारी नहीं कर रही है। जिले में पीएसएफ के 10, आरएफसी के नौ व एफसीआई के तीन केंद्र संचालित हैं। इनमें आरएफसी के छह केंद्र स्थायी व तीन मोबाइल केंद्र बनाए गए हैं। कस्बा खरखौदा में किसान सेवा सहकारी समिति परिसर में एक क्रय केंद्र पीसीएफ व दूसरा आईएफसी का खोला गया है। गांव बिजौली में भी पीएससी का एक क्रय केंद्र खुला है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस वर्ष सरकार द्वारा घोषित मूल्य 2585 से बाजार का मूल्य कम है। इस वर्ष क्रय केंद्रों पर अधिक किसान पहुंचेंगे। अधिकारियों के अनुसार किसी भी संस्था पर गेहूं बिक्री से पहले किसान को अपना ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। गेहूं खरीद से पहले क्रय केंद्र पर किसान को अपनी जमीन की फर्द व आधार कार्ड भी देना अनिवार्य है।

गेहूं क्रय केंद्रों को किसानों का इंतजार
मवाना। नवीन आढ़त मंडी में खाद्य विभाग द्वारा किसानों के गेहूं की सरकारी खरीद के लिए क्रय केंद्र का शुभारंभ 30 मार्च से हो गया है। केंद्र के प्रभारी पवन धामा ने बताया कि सभी आवश्यक सामग्री केंद्र पर स्थित है। इस बार गेहूं का दाम 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तय किया गया है। अभी तक कोई भी किसान क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर नहीं आया है। सोमवार को किसानों के गेहूं लेकर आने की उम्मीद है।
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बारदाने के अभाव में पांचों क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद ठप
हस्तिनापुर। राजकीय गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हुए 10 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद क्षेत्र के पांचों केंद्रों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। मुख्य वजह बोरी (बारदाना) की कमी बताई जा रही है। इसके चलते अब तक एक भी किसान की बोहनी नहीं हो पाई है। किसान गेहूं बेचने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
किसान सुंदर सिंह, जज सिंह, गुरप्रीत सिंह आदि का कहना है कि वे अपनी उपज लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन बोरी न होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही। मजबूरी में उन्हें बाजार में औने-पौने दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। क्रय केंद्रों की व्यवस्थाएं भी सवालों के घेरे में हैं। किसानों के बैठने के लिए छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं पीने के पानी की भी कमी है। तारापुर, दूधली, बस्तोरा नारंग, हस्तिनापुर, राधानगर सहित पांच स्थाचों पर किसानों के लिए गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन पर गेहूं खरीद 15 जून तक चलेगी।
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वर्जन....
सोमवार से क्रय केंद्रों पर शुरू होगी गेहूं खरीद
सहकारिता विभाग के एआर दीपक थरेजा का कहना है कि पोस मशीन और अन्य उपकरण समय से न मिलने के कारण गेहूं खरीद में देरी हुई। अब सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। सोमवार से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू कर दी जाएगी। किसानों को अब किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा
जानीखुर्द। शासन के निर्देशानुसार क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्थानीय केंद्रों पर अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है। क्षेत्र के पांचली स्थित सहकारी समिति पांचली पर पीसीएफ के बनाए गए गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक पहली खरीद तक नहीं हो सकी है। सरकार ने किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए 30 मार्च से ही क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया था। विभाग और खरीद संस्था का दावा है कि केंद्रों पर तौलने के लिए कांटे, बारदाना (बोरे) और अन्य सभी आवश्यक तकनीकी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली गई। इसके बावजूद एक भी किसान अपना गेहूं लेकर केंद्र पर नहीं पहुंचा है। पांचली सोसाइटी से जुड़े जिला सहकारी बैंक के सदस्य मंजीत सांगवान और सोसाइटी के अध्यक्ष बोबी पेपला ने बताया कि विभाग की ओर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

हस्तिनापुर में सुनसान पड़ा एफसीआई का गेहूं खरीद केंद्र स्रोत संवाद

हस्तिनापुर में सुनसान पड़ा एफसीआई का गेहूं खरीद केंद्र स्रोत संवाद

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