मुजफ्फरनगर में चरथावल के गांव दूधली और पास के तीन गांवों के गन्ने के खेतों में रविवार दोपहर करीब दो बजे आग लग गई। इसमें करीब 50 किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल नष्ट हो गई। इसी बीच किसी ने बताया कि आग लगने से पहले कुछ संदिग्ध लोगों को जंगल में देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने जंगल को घेर कर उनकी तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि एक संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया गया तो उसने उन पर फायरिंग कर दी। आक्रोशित भीड़ ने उसे दबोच लिया और जमकर पीटने के बाद बाइक से कुचल दिया। युवक की पहचान नहीं हो पाई है। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
किसानों ने कहा कि इसी तरह कोई फसल जलाता रहा तो नुकसान की भरपाई कौन करेगा। किसानों ने कहा कि इस तरह तो किसानों की मेहनत की कमाई पर पानी फिर जाएगा। किसानों ने प्रशासन से शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर सड़कों पर उतरने के लिए विवश होना पड़ेगा।
बिरालसी क्षेत्र के गुनियाजुड्डी निवासी प्रमोद सैनी ने कहा कि आसपास गांवों में अचानक आग की घटना से किसान परेशान और हैरान है। उनके गांव के दर्जनों किसानों के खेत में सैकड़ों बीघा आग लगा दी। प्रमोद सैनी, राजेंद्र सिंह, प्रवेंद्र, ब्रजपाल, मेघपाल, पप्पन, श्रीपाल इसके अलावा कान्हाहेड़ी गांव के लक्ष्मीचंद, श्याम सिंह तेल्लू की ईंख की फसल फूंक दी। दूधली के दीप राणा ने बताया कि चोटी कटने की तरह ईंखों में आग की खबर फैली। किसानों का गुस्सा स्वाभाविक था। उनके गांव में कर्ण सिंह, कुलदीप, नेपाल सिंह, रामभूल बाबा, सुमित, कृष्णपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, उदय सिंह की ईंख में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। इसी गांव से सटे न्यामू में सुरेंद्र, इस्लाम, सगीर, अब्बास, कमालू के ईख जलाए गए। इससे आसपास के गांवों में दहशत पसर गई है।
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