दो दिन से धरने पर बैठे जिवाना गांव के 60 वर्षीय उदयवीर पुत्र गिरिवर सिंह की शनिवार की सुबह साढे़ दस बजे सीने में दर्द उठने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि सिनौली गांव के किसान जिले सिंह की हालत बिगड़ गई। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया और इसकी जानकारी गांव-गांव किसानों को दे दी ।
सूचना पर रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार और गजेंद्र मुन्ना, सतेंद्र तोमर, सुरेश मलिक, विकास प्रधान, रालोद के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना, भाकियू के राजेंद्र सिंह तोमर, देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह, थांबा खाप के चौधरी यशपाल सिंह, रणधीर प्रधान गुराना, धीरज उज्ज्वल, विक्रम राणा, धूम सिंह चेयरमैन, रालोद युवा इकाई के जिलाध्यक्ष प्रवेंद्र तोमर, राम कुमार चेयरमैन, मोहित मुखिया, अरुण तोमर बोबी, अक्षय मलिक, प्रियवत राणा, सपा के जिलाध्यक्ष मनोज तोमर, सुरेंद्र पंवार, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी राम कुमार सिंह, शहर अध्यक्ष राकेश शर्मा, किसान अधिकार सम्मेलन के संयोजक नरेंद्र राणा धरना स्थल पर पहुंचे और इस दुखद घटना पर रोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा किसानों की मांगों को लेकर 21 मई से किसान तहसील परिसर में धरना दे रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने आंदोलनकारियों सेवार्ता करने की जरूरत नहीं समझी। इस कारण ही एक किसान शहीद हो गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार मांगेराम चौहान धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन किसानों ने तहसीलदार से वार्ता नहीं की। बाद में एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने कहा कि वे 12 लाख का मुआवजा दिलाने की संस्तुति मुख्यमंत्री को भेज रहे हैं और किसान मेरे साथ चले और विद्युत निगम के एमडी से बातचीत कराएंगे, किसानों ने एसडीएम की बात भी नहीं मानी।
फिर एसडीएम धरना स्थल किसानों के बीच आए तो नरेंद्र राणा के साथ उनके हाथ पकड़कर अभद्रता का परिचय दिया, लेकिन बाद मेें मामला शांत किया। चेतावनी दी कि एक घंटे में यहां पर डीएम या उच्चाधिकारी बातचीत नहीं करते तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इस किसान संघर्ष समिति मेें चौधरी बलजोर सिंह आर्य, जसवीर मलिक, ब्रजपाल सिंह, सोनू मान, यशपाल सिंह, विक्रम आर्य, बार के अध्यक्ष वेद पाल पंवार, धर्मवीर सिंह तोमर, जयवीर तोमर आदि मौजूद रहे।