खरखौदा(मेरठ)। खरखौदा में किसानों ने दर्जनों पशुओं को नगर पंचायत टंकी परिसर में बंद कर दिया। किसान अधिशासी अधिकारी से मिले और समस्या से अवगत कराया।
अस्थायी गोआश्रय स्थल बनाए गए हैं। परंतु लगातार बढ़ रही गोवंशों की संख्या से किसान परेशान हैं। खेतों से लेकर नगर की सड़कों तक गोवंश नुकसान करते हैं। खेतों में पशुओं की झुंड खेतों में फसल बरबाद कर रहे हैं। सरकार द्वारा गोवंशों को पालने के लिए दिए जा रहे तीस रुपये कम पड़ रहे हैं। किसान सर्दियों में भी खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। बुधवार को कस्बा के किसानों ने करीब 50 से अधिक गोवंशों को नगर पंचायत की टंकी परिसर में बंद कर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। उसके बाद किसान अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी से मिले। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। किसानों ने गोवंशों की समस्या से समाधान न होने पर धरने की चेतावनी दी। बताया कि किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी अनिल ढींगरा से मिलेगा। ईओ ने किसानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बजट उपलब्ध नहीं
नगर पंचायत ने स्थायी गोआश्रय स्थल के लिए जमीन भी दे दी है। लेकिन बजट उपलब्ध नहीं है। जो पशु टंकी परिसर में बंद हैं उनकी देखरेख भी कस्बा के ही लोग कर रहे हैं। जल्द ही जिलाधिकारी से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - शशि प्रभा चौधरी, ईओ नगर पंचायत खरखौदा
सरकार का आदेश नहीं मान रहे
प्रशासनिक अधिकारी सरकार के आदेश का निर्वाह नहीं रहे हैं। नगर पंचायत ने अस्थायी गोआश्रय स्थल को समाप्त कर दिया। - प्रहलाद सिंह त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष रोलाद किसान सैल।
किसान परेशान है
किसान देश का अन्नदाता है, वहीं परेशान है। पशुओं से फसल बराबद हो रहीं है। नगर पंचायत जिम्मेदारी से बच रहा है।- रतीराम त्यागी, किसान।
कर्ज में डूबा किसान
किसान पहले से ही कर्ज में डूबा है। वहीं, आवारा पशु किसान की मेहनत को रौंदकर नष्ट कर रहे हैं। - राजू त्यागी, किसान।
किसान अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा
आवारा गोवंश और गन्ना भुगतान पर सरकार कुछ नहीं कर रही है। किसान देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। - सौराज सिंह त्यागी, पूर्व चेयरमैन नगर पंचायत।