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दोराहे पर किसान: फसल बचाएं या जान, मुजफ्फरनगर में किसान पर हमला कर मौत के घाट उतारा

Sun, 10 Dec 2023 05:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

आवारा गोवंशीय  पशुओं की समस्या नासूर बनी हुई है। आवारा गोवंश किसानों की फसलों को तो चट कर रहे हैं साथ ही उनकी जान भी ले रहे हैं। मुजफ्फरनगर में किसान की जान ले ली।
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आवारा गोवंश से किसान परेशान - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आवारा गोवंशीय पशुओं की समस्या नासूर बन गई है। ईंख की छिलाई और गेहूं की बुवाई कर रहे किसानों पर खेतों में घूम रहे पशु हमलावर हो रहे हैं। गेहूं, सरसों, बरसीम की फसल को पशु उजाड़ रहे हैं। किसान अगर फसल बचाने पहुंचते हैं तो पशु उनके ऊपर हमला कर रहे हैं। भंडूर गांव के किसान परिवार पर हमला कर दिया गया। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद आए दिन इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं, जिनमें किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

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जिले में 65 गोशाला और 35 आश्रय स्थल में गोवंश की संख्या 7896 है। इनमें 3796 नर गोवंश और 4100 मादा गोवंश हैं, लेकिन सड़कों और खेतों में अभी भी सैकड़ों पशु जानलेवा बनकर घूम रहे हैं। फसल कटाई के दौरान यह पशु आक्रामक भी हो गए हैं।

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गन्ने के खेत खाली हो रहे हैं, ऐसे में यह पशु अब गेहूं, बरसीम और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिनरात पहरेदारी कर रहे हैं। पशुओं के हमले एकाएक बढ़ गए हैं। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक का कहना है कि सरकार की नीति फेल हो गई है।

भंडूर गांव में गम और गुस्सा
सिखेड़ा क्षेत्र के भंडूर गांव में किसान की मौत के बाद गम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गोवंशीय पशुओं को पकड़कर गोशाला में छुड़वाया जाना चाहिए। बार-बार प्रशासन के अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
  
तितावी में मारा गया था किसान
इससे पहले पानीपत-खटीमा हाईवे पर तितावी में आवारा पशु ने किसान पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। नाराज किसानों ने पानीपत-खटीमा हाईवे जाम कर दिया था। 
 
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