आवारा गोवंशीय पशुओं की समस्या नासूर बन गई है। ईंख की छिलाई और गेहूं की बुवाई कर रहे किसानों पर खेतों में घूम रहे पशु हमलावर हो रहे हैं। गेहूं, सरसों, बरसीम की फसल को पशु उजाड़ रहे हैं। किसान अगर फसल बचाने पहुंचते हैं तो पशु उनके ऊपर हमला कर रहे हैं। भंडूर गांव के किसान परिवार पर हमला कर दिया गया। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद आए दिन इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं, जिनमें किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
जिले में 65 गोशाला और 35 आश्रय स्थल में गोवंश की संख्या 7896 है। इनमें 3796 नर गोवंश और 4100 मादा गोवंश हैं, लेकिन सड़कों और खेतों में अभी भी सैकड़ों पशु जानलेवा बनकर घूम रहे हैं। फसल कटाई के दौरान यह पशु आक्रामक भी हो गए हैं।