हाईवे पर बस रुकवाकर कस्टडी से फरार हुए मुजफ्फरनगर केे कुख्यात बंदी मुंतलिब का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई। इस मामले में पीलीभीत के दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ दौराला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। इन पांचों पुलिसकर्मियों को एसपी पीलीभीत सभाराज ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मंगलवार को आरोपी एचसीपी नरेश सिंह और कांस्टेबल श्रीकांत सोम को कोर्ट से जमानत मिल गई। इंस्पेक्टर दौराला के अनुसार यह मुकदमा खतौली कोतवाली ट्रांसफर होगा।
पुलिस के अनुसार कुख्यात मुंतलिब की मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेशी कराने के लिए पीलीभीत के दरोगा सुरेश चौहान, एचसीपी नरेश सिंह, कांस्टेबल श्रीकांत सोम, विपुल कुमार और मनिंदर देशवाल की ड्यूटी लगी थी। लेकिन नरेश और श्रीकांत को छोड़कर बाकी पुलिसकर्मी ड्यूटी से गायब थे। जिसके चलते पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही बरतने और मुंतलिब के खिलाफ फरारी का मुकदमा दर्ज हुआ है। मंगलवार को दौराला पुलिस ने नरेश और श्रीकांत को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जमानत मिल गई। जबकि दरोगा और दो सिपाहियों को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। कुख्यात मुंतलिब की तलाश करने के लिए मेरठ और खतौली पुलिस के अलावा मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों की क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
फरारी का मकसद क्या
मुंतलिब की फरारी ने मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस की सिरदर्दी बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार मुंतलिब मुजफ्फरनगर में कई एलानिया कत्ल कर चुका है। उसने वर्ष 2012 में पुरकाजी निवासी जहीर फारूखी एडवोकेट के आवास पर अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर कस्बा निवासी रिजवान और भूराहेड़ी निवासी हारुन की हत्या कर दी थी। वारदात में जहीर फारुखी वादी और चश्मदीद गवाह हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि किसी संगीन वारदात को अंजाम देने के लिए मुंतलिब फरार हुआ है।