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पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोलंकी की तिहाड़ जेल में मौत पर परिजनों ने उठाया यह सवाल, थाने में दी तहरीर

Wed, 31 Jul 2019 02:21 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
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बागपत जनपद में ढिकौली के इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में तिहाड़ जेल में बंद बिनौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र सोलंकी की मौत हो गई। इस मौत पर परिजनों और परिचितों ने सवाल उठाया है। हरि नगर थाने में तहरीर देकर हत्या की आशंका जताते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि जेल प्रशासन ने उन्हें अचानक बीमार होने की सूचना नहीं दी। शव पूरी तरह नीला पड़ गया है। इससे आशंका है कि सोलंकी की हत्या की गई है। 

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वर्ष 1997 में ढिकौली के डॉ. इंद्रपाल ढाका की मेरठ में हत्या कर दी गई थी। इस वारदात में बरनावा के पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी और उनके भाई हरेंद्र सोलंकी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दोनों तिहाड़ जेल में बंद थे। परिजनों ने बताया कि वह मंगलवार को जेल में मुलाकात के लिए पहुंचे थे। उन्हें बताया गया कि बीमारी के कारण हरेंद्र सोलंकी को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनके भर्ती होने से मना कर दिया।

कई घंटे की छानबीन के बाद शव मॉर्चरी में रखा मिला। परिजनों का कहना है कि शव पूरी तरह नीला पड़ गया है। इससे हत्या की आशंका है। बड़ौत के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित, रालोद नेता अरुण तोमर बॉबी ने बताया कि देर शाम हरि नगर थाने में हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी गई है। उन्होंने मजिस्ट्रेट जांच और पोस्टमार्टम एक पैनल से कराने की मांग रखी गई है। हरेंद्र सोलंकी की मौत के बाद जिले में उनके मूल निवास स्थल जिवाना गुलियान और मेरठ स्थित परिवार में गम का माहौल है।
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चल रहा था स्लिप डिस्क का इलाज
पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र सोलंकी का दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में डिस्क का इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने सोमवार का समय भी दिया था, लेकिन पुलिस लेकर नहीं पहुंची, जिस कारण परिजन घर लौट आए। मंगलवार को परिजन मिलाई और इलाज के लिए पहले जेल गए। वहां से सूचना मिली कि वह अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में पहले उन्हें सही सूचना नहीं मिली, काफी देर तक इधर-उधर घूमते रहे। फिर किसी ने मॉर्चरी में शव रखे होने की जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन ने अचानक बीमारी की कोई जानकारी नहीं दी थी।

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बिनौली ब्लॉक के प्रमुख रहे सोलंकी
हरेंद्र सोलंकी वर्ष 2000 में बिनौली ब्लॉक के प्रमुख बने थे। वह मलकपुर गन्ना समिति के चेयरमैन भी रहे। इसके बाद साल 2005 से 2010 तक हरेंद्र सोलंकी की मां पवन कौर भी ब्लॉक प्रमुख रहीं। वर्तमान में हरेंद्र सोलंकी की पत्नी सुधा सोलंकी जिला पंचायत सदस्य हैं। हरेंद्र सोलंकी और सतेंद्र सोलंकी का परिवार मेरठ में रहता है। मूल रूप से यह बिनौली के जिवाना गुलियान गांव के रहने वाले हैं।

आज होगा पोस्टमार्टम
पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने बताया कि हरेंद्र सोलंकी का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। परिजनों ने इस मामले में डॉक्टरों, जेल अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर न्यायिक जांच की मांग रखी है।

आमने-सामने लड़ा चुनाव, फिर हो गई अदावत
ढिकौली गांव के डॉ. इंद्रपाल ढाका की हत्या में बरनावा के पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी और उनके भाई हरेंद्र सोलंकी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बागपत की सियासत में दोनों ने एक साथ राजनीतिक पारी शुरू की थी। साल 1993 में जनता दल के टिकट पर सतेंद्र सोलंकी ने बरनावा और इंद्रपाल ढाका ने खेकड़ा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में हाथ आजमाया। लेकिन दोनों ही इस चुनाव में हार गए थे। जनता दल, रालोद और बसपा में रहे सतेंद्र सोलंकी लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे।

जिवाना गुलियान में पसरा सन्नाटा, गम का माहौल
जिवाना गुलियान में हरेंद्र सोलंकी का एक भाई बिजेंद्र रहता है। हादसे की सूचना के बाद वह भी दिल्ली चला गया। गांव में गम का माहौल रहा। दिनभर यहां लोगों की आवाजाही रही।

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