बिनौली ब्लॉक के प्रमुख रहे सोलंकी
हरेंद्र सोलंकी वर्ष 2000 में बिनौली ब्लॉक के प्रमुख बने थे। वह मलकपुर गन्ना समिति के चेयरमैन भी रहे। इसके बाद साल 2005 से 2010 तक हरेंद्र सोलंकी की मां पवन कौर भी ब्लॉक प्रमुख रहीं। वर्तमान में हरेंद्र सोलंकी की पत्नी सुधा सोलंकी जिला पंचायत सदस्य हैं। हरेंद्र सोलंकी और सतेंद्र सोलंकी का परिवार मेरठ में रहता है। मूल रूप से यह बिनौली के जिवाना गुलियान गांव के रहने वाले हैं।
आज होगा पोस्टमार्टम
पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने बताया कि हरेंद्र सोलंकी का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। परिजनों ने इस मामले में डॉक्टरों, जेल अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर न्यायिक जांच की मांग रखी है।
आमने-सामने लड़ा चुनाव, फिर हो गई अदावत
ढिकौली गांव के डॉ. इंद्रपाल ढाका की हत्या में बरनावा के पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी और उनके भाई हरेंद्र सोलंकी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बागपत की सियासत में दोनों ने एक साथ राजनीतिक पारी शुरू की थी। साल 1993 में जनता दल के टिकट पर सतेंद्र सोलंकी ने बरनावा और इंद्रपाल ढाका ने खेकड़ा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में हाथ आजमाया। लेकिन दोनों ही इस चुनाव में हार गए थे। जनता दल, रालोद और बसपा में रहे सतेंद्र सोलंकी लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे।
जिवाना गुलियान में पसरा सन्नाटा, गम का माहौल
जिवाना गुलियान में हरेंद्र सोलंकी का एक भाई बिजेंद्र रहता है। हादसे की सूचना के बाद वह भी दिल्ली चला गया। गांव में गम का माहौल रहा। दिनभर यहां लोगों की आवाजाही रही।
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