बिजे की मौत मामले में पुलिस के आश्वासन पर माने परिजन, आंदोलन टला
सरधना। कोतवाली पर आंदोलन की चेतावनी के चलते पुलिस रविवार सुबह रस्म पगड़ी से पहले ही मृतक बिजे के परिजनों से मिलने मोम्मन फरीदपुर गांव पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें मामले की तेजी से जांच करने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिस पर परिजनों ने रस्म पगड़ी के बाद कोतवाली पर किए जाने वाले आंदोलन को कुछ समय के लिए टाल दिया।
छह दिन पूर्व गांव मोम्मन फरीदपुर में बिजे (45) पुत्र भिरखा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने समय रहते मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर चेतावनी दी थी कि यदि रविवार को रस्म पगड़ी से पहले आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह कोतवाली पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को सड़क हादसा बता रही थी, जबकि परिजन गोली मारकर बिजे की हत्या करने आरोप लगा रहे हैं। श्मशान से बुलेट मिलने पर हत्या का शक और गहरा गया। पुलिस ने बिजे को घर से बुलाकर ले जाने वाले युवक समेत दो को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
रविवार को बिजे की रस्म पगड़ी के समय काफी संख्या में लोग पहुंचे। रस्म पगड़ी से पहले ही थानाध्यक्ष समर बहादुर ने गांव के निवर्तमान प्रधान शिवकुमार व परिजनों को मामले की जांच तेजी लाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद आंदोलन कुछ समय के लिए टाल दिया गया।