पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि सिपाही ने ही धामपुर के एक कैफे से उसके दस्तावेज तैयार करके सबसे पहले लखीमपुर खीरी ट्रेनिंग सेंटर में भेजा था।
मेरठ में पकड़े जाने के बाद पुलिस युवती को धामपुर में आरोपी सिपाही की पहचान कराने के लिए लाई थी।
आरोप है कि 28 जून को मेरठ जिला कारागार में गाजियाबाद निवासी राजीव नागर नामक युवक युवती से मिलने गया था। सिपाही के खिलाफ कुछ भी बोलने पर जेल से निकलते ही जान से मारने की धमकी दी हैं।
जेल में युवती को धमकी मिलने पर उसके परिवार के लोग दहशत में हैं। महिला प्रशिक्षु के पिता ने मेरठ एसपी को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।