क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने इस पूरे प्रकरण की जांच की तो सामने आया कि बुकिंग के लिए जो मोबाइल नंबर दिए गए थे, वह बंद कर दिए गए थे। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि एमएम घोष रोड, नार्थ 24 परगना पश्चिम बंगाल की सुपर्णादास ने अपने पति संजीव दास के साथ मिलकर स्ट्रिप शो की फर्जी बुकिंग कराई। पुलिस ने महिला से संपर्क किया तो महिला ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। जिसके बाद मुकदमे के निर्देश दिए गए हैं।
कई राज्यों में फैलाया जाल
एसपी का कहना है कि वेस्ट यूपी के अलावा मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी आरोपी दंपती ने ठगी का जाल बिछा रखा है। स्ट्रिप शो में भारी संख्या में ऑनलाइन टिकट बुक कराए गए।
तीन वर्ग में 2000, 1500 और एक हजार का टिकट था। टिकट की रकम एक महिला और किसी मोहिउदुल अहमद की आईडी पर खाते में जमा की गई। एक खाते में 70 हजार तो दूसरे में 40 हजार रुपये थे। पुलिस ने महिला का बैंक खाता सीज करा दिया है।
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पेटीएम नंबर से पहुंची पुलिस
बंगाल के दंपती ने फर्जी बुकिंग कर जहां मेरठ के लोगों से ठगी की। वहीं पेटीएम नंबर से साइबर सेल की टीम आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अफसरों का कहना है कि पेटीएम नंबर के माध्यम से वॉलेट में जो पैसा ट्रांसफर हुआ था उससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।