मेरठ जिले में तेल के काले खेल पर एक तरफ जहां सारे जनप्रतिनिधि चुप्पी साधकर बैठे हैं। वहीं, अब सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने नकली तेल के कारोबार से जुड़े व्यापारियों सहित संबंधित विभागों के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सांसद ने पत्र में कहा कि मेरठ में लंबे समय से थिनर, बेंजीन व सॉल्वेंट के मिश्रण में रंग मिलाकर नकली पेट्रोल बनाया जा रहा है। इस कार्य में मशीनों की सहायता से पांच मिनट में एक साथ 11000 लीटर तक नकली तेल तैयार हो जाता है। इसके बाद ऑयल कंपनी के टैंकर में 30-40 प्रतिशत इस नकली पेट्रोल को मिलाकर कतिपय पेट्रोल पंपों पर सप्लाई किया जाता है। इस नकली पेट्रोल के मिश्रण से मेरठ में वाहनों के इंजन कम समय में ही सीज हो जाते हैं।
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सांसद ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से मेरठ देश में सॉल्वेंट की बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। तेल माफिया इस नकली तेल को पंजाब व हरियाणा तक खपाते हैं। मेरठ में पिछले सप्ताह समाचार पत्रों ने तेल के इस खेल को उजागर किया है।
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सांसद ने पत्र में बताया कि लंबे समय से चला आ रहा नकली तेल का यह खेल तेल कंपनियों, स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। मिलावट के इस खेल में जहां सरकार को राजस्व की बड़े पैमाने पर हानि हो रही है। वहीं जनता के साथ भी धोखाधड़ी है, इसलिए इस मामले में विस्तृत जांच कराकर सभी अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही तय की जाए।
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