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Meerut News: फर्जी ई-वे बिल और आईटीसी घोटाले का पर्दाफाश, जयपुर से शातिर अंकुर कांडा गिरफ्तार

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नोट- पीलीभीत के ध्यानाथ
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दूसरों के पैन कार्ड पर फर्जी फर्में बनाकर सरकार को लगाया था करोड़ों के राजस्व का चूना
पीलीभीत के व्यापारी को इनकम टैक्स का नोटिस मिलने पर खुला था खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। एसटीएफ ने फर्जी जीएसटी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य अंकुर कांडा को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी अंकुर पर फर्जी ई-वे बिल जारी करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ उठाने का आरोप है। उसे राजस्थान पुलिस की मदद से जयपुर के पॉश इलाके स्थित उसके फ्लैट से पकड़ा गया।
यह कार्रवाई एसटीएफ की मेरठ फील्ड यूनिट ने की। आरोपी के खिलाफ पीलीभीत की कोतवाली में धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज था। एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी बृजेश सिंह के अनुसार, तीन जनवरी 2023 को पीलीभीत के मोहम्मद फरमान को आयकर विभाग का नोटिस मिला। जांच में उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग सामने आया। दिल्ली में 'रायन इंटरनेशनल' और 'फुटनेक्स्ट इंटरनेशनल' नाम से फर्जी जीएसटी फर्में पंजीकृत थीं। स्थानीय पुलिस के विफल रहने पर डीजीपी ने जांच एसटीएफ को सौंपी।
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घोटाले का तरीका और आगे की कार्रवाई
अंकुर कांडा ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ 'एशिया बिटुमन' का कारोबार करता था। इन फर्मों के नाम पर आईडीबीआई और यस बैंक समेत कई बैंकों में खाते खोले गए थे। यह गिरोह व्यापारियों को फर्जी ई-वे बिल देता था ताकि वे गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकें। एएसपी ने बताया कि अंकुर कांडा को जयपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर पीलीभीत कोतवाली भेजा गया है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।-
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