रोडवेज बसों में बड़ी संख्या में फर्जी परिचालक और एमएसटी धारकों के यात्रा करने का भंडाफोड़ हुआ है। आरएम के निर्देश पर चेक की गई बसों में कई फर्जी आईकार्ड और एमएसटी लिए यात्री मिले, जो सबूत छोड़कर फरार हो गए। बाकी चेकिंग की जानकारी मिलने पर बीच रास्ते में ही उतर गए।
भैसाली डिपो से करीब 250 अनुबंधित बसें संचालित हो रही हैं। मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच चलने वाली बसों में सकौती और दादरी गांव से फर्जी स्टाफ व फर्जी एमएसटी धारकों के सफर करने की शिकायत विभाग को मिल रही थी। आरएम एसके बनर्जी ने इन्हें पकड़ने के लिए सोमवार को चेकिंग दल भेजा। भैसाली डिपो के स्टेशन अधीक्षक भारत भूषण और टीएस अशोक की टीम ने टोल प्लाजा सिवाया के निकट मुजफ्फरनगर से आ रही बसों की चेकिंग की। भारत भूषण ने बताया कि चेकिंग होती देख फर्जी दस्तावेजों पर सफर कर रहे यात्री बस से उतरकर भाग खड़े हुए। पीछे आ रही दूसरी बस की चेकिंग में एक युवक के पास से फर्जी परिचालक आईकार्ड मिला। आईकार्ड पर सचिन राणा निवासी तुलसीपुर और पद खतौली डिपो का परिचालक अंकित है। इसके अलावा दूसरे युवक से फर्जी स्मार्ट एमएसटी कार्ड बरामद हुआ। कार्ड अमित कुमार के नाम से बना है। दोनों अपने कार्ड छोड़ टीम को चकमा देकर फरार हो गए। आरएम एसके बनर्जी बताया कि अब पुलिस को साथ लेकर चेकिंग की जाएगी, ताकि आरोपियों को मौके से दबोचा जा सके।