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हस्तिनापुर में नकली सिगरेट फैक्टरी का भंडाफोड़: करोड़ों का माल बरामद, मुख्य आरोपी फरार

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आईटीसी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली सिगरेट, कच्चा माल और मशीनें बरामद
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर(मेरठ )। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव दूधली खादर में गोशाला की आड़ में चल रही नकली सिगरेट बनाने की फैक्टरी का पुलिस और सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ कर दिया। गांव की ग्राम पंचायत की सरकारी गोशाला के पास एक बंद इमारत में कथित तौर पर नामी ब्रांड ‘गोल्ड फ्लैक’ के नाम से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार सिगरेट, कच्चा माल और सिगरेट बनाने में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनें बरामद की हैं। जबकि आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आईटीसी के सेल्स अधिकारी रिशु मिश्रा के अनुसार, पिछले कुछ समय से बाजार में कंपनी की ओरिजिनल सिगरेट की बिक्री में अचानक गिरावट देखी जा रही थी। इसके बाद कंपनी स्तर से इसकी पड़ताल शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि क्षेत्र के कुछ दुकानदारों को काफी कम कीमत पर सिगरेट के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बाद नकली सिगरेट के कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। तो उन्हें हस्तिनापुर क्षेत्र में नकली सिगरेट बनाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने गुप्त रूप से सिगरेट बनाने वाली फैक्टरी का पता किया और पुष्टि होने पर कंपनी के अधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। एसएसपी मेरठ बीबीजीटीएस मूर्ति से संपर्क कर संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना तैयार की गई। बृहस्पतिवार को पुलिस और कंपनी की टीम ने दूधली खादर गांव में छापा मारा।
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टीम जब गौशाला के पास स्थित बंद इमारत में पहुंची तो वहां सिगरेट निर्माण का सामान मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यहां तैयार होने वाली नकली सिगरेट को बाजार में असली ब्रांड के नाम पर खपाया जा रहा था। फैक्टरी के लिए कच्चा माल कथित तौर पर कंबोडिया से मंगाया जाता था, जबकि तंबाकू राजस्थान से लाया जाता था। जो गांव के बाहर बनी इस अवैध रूप से चल रही फैक्टरी तक आसानी से पहुंच रहा था। कई साल से सिगरेट का निर्माण हो रहा था।

दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी बताया

सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पुलिस के सामने आया है कि अवैध फैक्टरी का संचालन दिल्ली निवासी रवि किशोर द्वारा किया जा रहा था। हालांकि छापे के दौरान फैक्टरी संचालक और कुछ अन्य लोग मौके पर नहीं मिले। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

ग्रामीणों को थी गोशाला की जानकारी
अवैध फैक्टरी गांव से महज करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित थी। आसपास रहने वाले ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें इमारत के अंदर गोशाला संचालित होने की जानकारी थी। सिगरेट निर्माण का अवैध कारोबार चलने की भनक ग्रामीणों तक नहीं पहुंची। पुलिस बरामद सामान की सूची तैयार करने के साथ ही फैक्टरी से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
बताया गया कि भवन के अंदर सिगरेट बनाने के लिए मशीनें लगाई गई थीं। मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार और अधबनी सिगरेट के साथ ही कच्चा माल बरामद हुआ। पुलिस टीम ने भवन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। देर रात तक पुलिस बरामद माल का आकलन करने में जुटी रही।
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मौके पर मिले चार लोग, मालिक नहीं मिला
-छापे के दौरान फैक्टरी में करीब चार लोग मौजूद मिले। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। वहीं, रात होने के कारण फैक्टरी मालिक और कुछ अन्य कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। पुलिस उनकी भूमिका और फैक्टरी के संचालन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि मौके पर बड़े स्तर पर नकली सिगरेट और आधुनिक मशीन बरामद हुई है मामले की से जांच की जा रही है।
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