गांव रसूलपुर धौलड़ी स्थित मंदिर में प्राचीन शिवलिंग।
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गांव रसूलपुर धौलड़ी में बस स्टैंड के पास एक प्राचीन शिव मंदिर है। चार वर्ष पूर्व मंदिर की मरम्मत और नवनिर्माण करवाया गया। इस दौरान मंदिर में स्थापित शिवलिंग की सफाई करवाई गई। सफाई करते ही शिवलिंग पर चारों ओर एक लिपी लिखी दिखाई देने लगी। यह लिपी पढ़ने में तो नहीं आई, लेकिन कुछ युवकों ने रील बनाकर वायरल कर दी। रील को लखनऊ पुरातत्व विभाग के कर्मियों ने देखा। इसके बाद पुरातत्व विभाग की 15 सदस्यीय टीम रसूलपुर धौलड़ी पहुंची थी।
भारतीय पुरातत्व विभाग की टीम ने भी किया सर्वेक्षण
टीम के सदस्यों ने तीन दिन तक प्राचीन शिवलिंग और मंदिर की जांच की टीम के सदस्यों ने बताया था कि यह लिपि करीब 1800 साल पुरानी हो सकती है। हैदराबाद स्थित पुरातत्व विभाग की टीम ने भी दो साल पूर्व आकर जांच की थी। कुछ पुरातत्वविदों का मानना है कि ये शिविलंग चंद्रगुप्त मौर्य के काल का भी हो सकता है।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी
गांव रसूलपुर धौलड़ी निवासी विपिन गर्ग का कहना है कि शिवलिंग देश और हमारी प्राचीन धरोहर है। इस शिवलिंग को सुरक्षित रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। नरेश का कहना था कि शिवलिंग पर प्राचीन लिपि की जानकारी होने के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है। आसपास के जिलों से भी लोग यहां आते हैं।