पीड़ित परिवार ने थाने में हंगामा कर आरोप लगाया कि फैक्टरी मालिक की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है। पुलिस अब आरोपी गौरव की तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि फैक्टरी में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।
रोहटा में पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार को हुए हादसे के दौरान चौकीदार संजय को जिंदा जलते हुए देख और महिलाओं की चीखपुकार सुनकर फैक्टरी मालिक गौरव मोहन गुप्ता वहां से भाग गए थे। संजय की पत्नी सुलोचना की तहरीर पर पुलिस ने गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
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वहीं, पीड़ित परिवार ने थाने में हंगामा कर आरोप लगाया कि फैक्टरी मालिक की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है। पुलिस अब आरोपी गौरव की तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि फैक्टरी में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।
मेरठ-बड़ौत रोड पर रोहटा में केसरगंज मंडी निवासी गौरव मोहन गुप्ता की पटाखा फैक्ट्ररी में शुक्रवार दोपहर आग लगने के बाद विस्फोट हो गया था। इसमें चौकीदार नंगला कबूलपुर मुंडाली निवासी संजय आग में जिंदा जल गए थे और यहां काम कर रहीं महिलाओं ने दीवार कूदकर जान बचाई थी।
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एफएसओ संतोष कुमार राय का कहना कि फैक्टरी मालिक गौरव मोहन गुप्ता को फोन किया गया था। उन्होंने फैक्टरी बंद और चोरी के दौरान आग लगने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच की। पता चला है कि फैक्टरी में अवैध तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे।
शनिवार को रोहटा पुलिस ने फैक्टरी में काम करने वाली गीता पत्नी संजय, शीला पत्नी सुनील, मुनेश पत्नी देवेंद्र, अर्चना पत्नी किशोर, शिवानी पुत्री ओंकार का रोहटा सीएचसी में मेडिकल कराया गया। दीवार से कूदते समय उन्हें चोट आई थीं। पीड़ित परिवार और पुलिस के मुताबिक फैक्टरी के मालिक हादसे के समय वहीं थे। अगर उनके स्तर पर बचाव का प्रयास होता तो शायद संजय की जान बच जाती।
एसपी देहात केशव कुमार का कहना कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि फैक्टरी में अवैध तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे। मुकदमा दर्ज करने के बाद गौरव की तलाश शुरू कर दी है। गौरव मोहन गुप्ता के पास दो लाइसेंस हैं। वह पटाखों का भंडारण और विक्रय कर सकते हैं। पटाखे बनाने का लाइसेंस उनके पास नहीं है।
पुलिस ने फैक्टरी में काम करने वाली महिलाओं से पूछताछ की। उन्होंने भी पटाखे बनाने की बात कही है। पुलिस का कहना कि अवैध तरीके से पटाखे बनाने के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। गौरव की तलाश में पुलिस ने कई जगह पर दबिश दी, लेकिन अभी वह गिरफ्त में नहीं आएं।
फैक्टरी में हैं बिजली के जर्जर तार
उन्होंने बताया था कि फैक्टरी में जर्जर तार हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। फैक्टरी में पटाखे बनाए जा रहे थे। आग लगने के दौरान फैक्टरी मालिक वहां पर मौजूद थे। उनके पति आग में जिंदा जल गए। अगर वह थोड़ा से प्रयास कर लेते तो शायद उनकी जान बच जाती।
पत्नी सुलोचना ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे उनके पति संजय घर से गए थे। इसके बाद हादसे में उनकी मौत हो गई। वह तीन बच्चों के साथ प्रीति विहार पिल्लेश्वर महादेव मंदिर के पास किराये के मकान में रहती हैं। पीड़ित परिवार ने आर्थिक मुआवजा की मांग की है, ताकि परिवार को पालन पोषण किया जा सके।