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कम संसाधनों के साथ चालू हुईं फैक्टरियां

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कम संसाधनों के साथ चालू हुईं फैक्टरियां
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मेरठ। 60 दिन की तालाबंदी से जाम हो चुके उद्योगों के पहिये मंगलवार से घूमने लगे। अभी 271 फैक्टरियों को खोलने की अनुमति मिली है। फिलहाल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए 25 फीसद लेबर के साथ उत्पादन शुरू कराया गया है। अधिकांश फैक्टरियों में पहले दिन मरम्मत और सैनिटाइजेशन का कार्य हुआ।
परतापुर से दिल्ली रोड पर खेल उपकरण, निर्माण सहित कई इकाइयों में उत्पादन शुरू हुआ। जिला प्रशासन नॉन कंटेनमेंट जोन में 271 इकाइयों को चलाने की अनुमति दे चुका है। सोमवार को ईद और संपूर्ण लॉकडाउन के कारण फैक्टरियों चालू नहीं हो पाईं। परतापुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनी गेरा ने बताया कि अचानक लॉकडाउन के कारण फैक्टरियाें में मशीनों की मरम्मत नहीं हो पाई। अब निर्माण कार्य चालू होने पर पहले मशीनों की रिपेयरिंग और मेंटेनेंस जरूरी है। फैक्टरियों में कम लेबर पहुंची। कामगारों की कमी और कच्चे माल की किल्लत के बीच उद्यमियों ने काम शुरू कराया।
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राजवंश विहार में शुरू कराएं उद्योग
आईआईए मेरठ के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने डीएम को पत्र भेजकर राजवंश विहार गढ़ रोड पर 65 फैक्टरियों को संचालित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि 21 मार्च से यह इलाका बंद है। यहां कोई केस नहीं आया फिर भी कंटेनमेंट जोन में है। यहां 65 फैक्टरियों में 1500 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। फैक्ट्री ना चलने से मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
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दिल्ली रोड खुला अब बागपत रोड की बारी
दिल्ली रोड पर फैक्टरियों का संचालन शुरू हो गया है। अब बागपत रोड के खुलने की बारी है। यहां वार्डवार उद्योगों का संचालन शुरू होने की संभावना है। बागपत रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारी मंगलवार को जिला उद्योग केंद्र पहुंचे। उद्यमियों ने उपायुक्त वीके कौशल को दिए ज्ञापन में कहा कि बागपत रोड में सभी इकाइयां 21 मार्च से बंद हैं। इस इलाके को भी कंटेनमेंट जोन से बाहर कर फैक्टरियां शुरू कराई जाएं। आईआईए अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने पदाधिकारियों से वार्ड वार उद्योगों की लिस्ट मांगी है। जिन वार्डों में उद्योग हैं, उन्हें नॉन कंटेनमेंट घोषित कर वहां फैक्टरी चालू कराई जा सकें।
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इनसेट--
नहीं खत्म हुई पास की दिक्कत
उद्यमियों को जिला उद्योग केंद्र की ओर से लेबर और कर्मचारियों के आने जाने के लिए ई पास जारी किए जा रहे हैं। लेकिन पास जारी करने की गति बहुत धीमी है। इसकी वजह से उद्यमियों और कर्मचारियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। उद्यमियों का कहना है कि उद्योग केंद्र पास बनाकर नहीं दे रहा है।
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