चंदक क्षेत्र में गंगा में बहकर आने वाली लकड़िया पकड़ते ग्रामीण। संवाद
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बहकर आ रहीं लकड़ियां पकड़ने को उफनाई गंगा में कूद रहे ग्रामीण
बच्चे और महिलाएं भी इस काम में जुटे, लकड़ी बेचकर चलाते हैं आजीविका
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक। रोटी के लिए ग्रामीण उफनाई गंगा की खतरनाक लहरों से टकरा रहे हैं। ये लोग गंगा में बहकर आने वाली लकड़ियां पकड़ रहे हैं। बच्चे और महिलाएं तक इस काम में जुटे हैं। पकड़ी गईं लकड़ियों के बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं।
बुधवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा। किनारे बसे गांवों के ग्रामीण गंगा के तेज बहाव के साथ आईं लकड़ियों को पकड़ने में जुटे हैं। कोई नाव लेकर तो कोई ट्यूब के सहारे मौत के डर को पीछे छोड़ गंगा में उतर रहा है। पकड़ी गईं लकड़ियों को ढोने के लिए गंगा के आसपास खेतों में लोगों का तांता लगा हुआ है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी से लोग पहुंच रहे हैं। बुधवार को सुबह से ही ग्रामीण गंगा किनारे लकड़ी इकट्ठा करने पहुंच गए। शाम तक इन लोगों ने बड़ी मात्रा में लकड़ियां इकट्ठा कर लीं। ग्रामीणों के अनुसार इन लकड़ियों को बेचकर वे अपनी आजीविका चलाते हैं।
छाछरी मोड़ l गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्राम सलेमपुर, फैजीपुर खादर में ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच गया है। छाछरी मोड़-जलीलपुर मार्ग बंद हो गया है l ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं l ग्रामीण यशपाल सिंह, सतीश, अरविंद, भूपेंद्र, प्रमोद कुमार आदि का कहना है कि गंगा का पानी गांव की ओर बढ़ रहा है।