नंगला मुख्तयारपुर गांव में सभा को संबोधित करते हुए सरधना विधायक संगीत सोम। अमर उजाला
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सरधना की सियासत एक बार फिर पुलिस अफसरों के लिए मुसीबत बन गई है। इंस्पेक्टर और एसएसआई को सस्पेंड करने की मांग पर विधायक संगीत सोम का धरना खत्म ही हुआ था कि सपा नेता अतुल प्रधान इंस्पेक्टर के बचाव में एसएसपी आवास पहुंच गए। जिसको लेकर मामला लखनऊ तक गूंज गया।
पूर्व में खेड़ा पंचायत प्रकरण में इंस्पेक्टर से लेकर कप्तान पर गाज गिरी थी। भट्ठा ठेकेदार ने विधायक के पिता पर मारपीट और बंधक बनाने का आरोप लगाया था। विधायक के पिता की गिरफ्तारी के मामले ने तूल पकड़ा तो एक और एसएसपी पर गाज गिर गई थी। वैसे भी सोमवार को डीजीपी के दौरे को लेकर पुलिस अफसर तैयारियों में जुटे थे, लेकिन विधायक और इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद ने पूरे जिले के अफसरों को परेशान कर दिया।
सब्र का न लें इम्तिहान
विधायक के आह्वान पर कुछ घंटे के भीतर ही ठाकुर चौबीसी के साथ ही सरधना व आसपास के क्षेत्र व सरूरपुर, दौराला से भी सैकड़ों समर्थक विधायक कैंप कार्यालय पर जा पहुंचे। महिलाओं की संख्या भी काफी रही। इस दौरान विधायक ने कहा कि पुलिस-प्रशासन उनके सब्र का इम्तिहान न लें। खेड़ा महापंचायत बवाल को शायद पुलिस-प्रशासन भूल चुका हैं। इस दौरान विधायक और समर्थकों ने इंस्पेक्टर सरधना पर कई संगीन आरोप लगाए। कहा कि कोतवाली को वह लूट का अड्डा नहीं बनने देंगे।
जाम ने किया हलकान
पुलिस चौकी पर जाम के दौरान वाहनों की दोनो तरफ लंबी लाइनें लग गईं। इस दौरान राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम खुलने के बाद राहत की सांस ली।
कोट
मामले की जांच के बाद ही किसी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। फिलहाल किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।- प्रवीन रंजन, एसपी देहात
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विधायक यहां दंगा कराने की फिराक में हैं। जिसके चलते वह बिना वजह आरोप लगा रहे हैं। एसएसपी आवास पर मैं दूसरे मामले में पहुंचा था। इंस्पेक्टर सरधना के बचाव में मैंने कोई बात नहीं की थी। इंस्पेक्टर सरधना ईमानदार और कर्मठ हैं।- अतुल प्रधान, सपा नेता