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एक्सप्रेस वे पर जलभराव, पानी सूखने का करें इंतजार  

Tue, 31 Jul 2018 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जोरदार बारिश का तगड़ा असर निर्माणाधीन मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर आया है। यहां अभी काम शुरू होने में समय लगेगा। लाखों रुपये की मिट्टी इस बारिश में बह गई। साथ ही पूरे ट्रैक पर पानी ही पानी है। ऐसे में जब तक पानी सूख नहीं जाता, यहां काम शुरू नहीं हो सकेगा।
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अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का अंतिम चरण भी गति पकड़ने लगा है। यह चरण मेरठ से डासना के बीच का है। वैसे तो इसका काम पूरा करने की डेडलाइन जुलाई 2019 है। लेकिन सरकार ने कहा है कि मार्च 2019 तक ही इसे पूरा करें। यही कारण है कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर पूरी ताकत से काम शुरू किया गया है। यहां वही टीम काम का रही है जिसने ईस्टर्न पेरीफेरल पर काम किया है। ऐसे में यहां काम समय से पूरा करने की उम्मीद है।

टीम कर रही मंथन
एनएचएआई की तकनीकी टीम लगातार तकनीक में सुधार कर रही है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर किशोर कान्याल के साथ हुई टीम की बैठक में इसकी ऊंचाई को लेकर भी नया प्लान बना है। इसमें अब इसकी ऊंचाई कम की जाएगी। उधर, राजनगर एक्टसेंशन एलीवेटिड रोड पर इस बारिश में जलभराव होने से पैदा हुई स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। आखिर कैसे वहां इतना पानी भर गया कि  घंटों जाम की स्थिति पैदा हो गई।
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अभी काम शुरू होने में लगेगा समय
झमाझम बारिश का इस एक्सप्रेस वे पर ऐसा असर आया कि एलाइनमेंट पर पूरी तरह से पानी भर गया। कांशी अच्छरौड़ा आदि गांवों में काफी तेजी से काम हुआ था। लेकिन यही बुरा हाल है। पूरा ट्रैक लबालब है। इस एक्सप्रेस वे पर एक करोड़ क्यूबिक मिट्टी खर्च होनी है। यहां डाली गई काफी मिट्टी बह गई और पानी भर गया। इस बाबत एनएचएआई की टेक्निकलटीम ने यहां का दौरा किया और देखा कि अभी तो काम हो नहीं सकता है। ऐसे में पानी सूखने का इंतजार करना होगा। कुछ जगह से पानी की निकासी पंप के द्वारा हो सकती है। लेकिन ऐसा नहीं किया जाएगा। टीम का आकलन है कि पानी अपने आप सूखेगा तो उसका असर सही रहेगा। सूखने के बाद यहां फिर से मिट्टी डालने का काम शुरू होगा। यदि धूप खिली तो एक सप्ताह यहां काम शुरू होने में लग जाएगा।
जब तक जमा होगा मैटीरियल
जब तक मिट्टी का काम शुरू होगा तब तक एनएचएआई अधिकारी यहां निर्माण सामग्री का स्टॉक बढ़ाएंगे ताकि काम शुरू होने पर किसी तरह की परेशानी न हो।

यह रहेगी इसकी खासियत
-  मेरठ में परतापुर तथा मोहिउ्ददीनपुर के बीच से घूमेगा एक्सप्रेस वे
-  हापुड़ रोड पर सांकरपुर जाकर मिलेगा
-  एक लेन सांकरपुर हापुड़ रोड तो दूसरी दिल्ली रोड की तरफ जाएगी
- निजामुद्दीन से लेकर यूपी गेट तक एनएच 24 को 14 लेन किया जा चुका है। इसका प्रधानमंत्री शुभारंभ कर चुके हैं। इसके लिए छह लेन मेरठ की तरफ जाने वालों के लिए सेपरेटर लगाकर अलग कर दिया जाएगा।
- यूपी गेट से डासना तक आठ लेन
- डासना से परतापुर बाईपास तक छह लेन
- डासना से हापुड़ छह लेन
- सात हजार करोड़ से ज्यादा लागत का यह एक्सप्रेसवे 6 लेन बनेगा। एक्सप्रेसवे इंटेलिजेंट हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और विडियो इन्सिडेंट डिटेक्शन सिस्टम से लैस होगा।
- इस एक्सप्रेसवे पर लाइटिंग की पूरी सुविधा दी जाएगी। कवायद यह रहेगी कि इस पर भी सोलर पैनल लगाए जाएं। यही नहीं इसका दृश्य भी बेहद सुंदर होगा। क्योंकि इस एक्सप्रेसवे के बीच में आ रहे पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा। डिवाइडर पर आ रहे पेड़ो को वहां से न हटाने का  प्लान है।
- इस मार्ग पर पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, होटल, रेस्तरां, दुकानों और रिपेयर सर्विसेज की सुविधा होगी।

बॉक्स कल्वर्ट- 3,  सलोना और काशी में
हल्के वाहन अंडर पास- 4 जिसमें से एक काशी, दो अच्छरौंडा, एक परतापुर
अन्य अंडर पास - 2, एक सलोना, एक परतापुर
रेलवे ओवर ब्रिज- एक मोहिउद्दीनपुर
इंटरचेंज फ्लाई ओवर- एक परतापुर में
माइनर ब्रिज- एक परतापुर में
टोल प्लाजा- एक कांशी अच्छरौड़ा


यह लगेगा
सीमेंट- एक लाख टन
स्टील- 25 हजार टन
अर्थवर्क यानी मिट्टी आदि - एक करोड़ क्यूबिक मीटर इसमें से तीस लाख क्यूबिक मीटर फ्लाई ऐश
कंकरीट गिट्टी- 15 लाख टन
सेंड- तीन लाख टन
ग्रेन्युअल सबबेस्ड जीएसबी- 6.5 लाख टन
बिटूमिन यानी डाम- 20 हजार टन

समय पर पूरा करने का लक्ष्य
भले ही पानी से निर्माण कार्य अभी रुका हो। लेकिन इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी है। इधर पानी सूखा, उधर काम शुरू कर देंगे। समय से ही निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। -अरविंद कुमार, मैनेजर तकनीक एनएचएआई
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