मुख्य मार्गों को छोड़ गली मोहल्लों में चल रहा अभियान
मेरठ। महानगर की सड़कों पर अवैध होर्डिंग की खेती उग रही है। डिवाइडर ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे और भवनों पर अवैध होर्डिंग खड़े हो गए हैं। जिससे नगर निगम को प्रतिवर्ष लाखों का नुकसान हो रहा है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी कई बार अधिकारियों को इस संबंध में घेरा जा चुका है। शनिवार को पुनरीक्षित बजट की बैठक में होर्डिंग के मुद्दे पर हंगामा होना तय है। इससे बचने को नगर निगम ने पिछले तीन-चार दिन से होर्डिंग के खिलाफ अभियान चला रखा है। वह अलग बात है कि निगम की टीम मुख्य मार्गों को छोड़ गली-मोहल्लों में लगे छोटे-छोटे होर्डिंग हटाकर अभियान की औपचारिकता पूरी कर रही है।
होर्डिंग नगर निगम की आय का बड़ा स्रोत है। शहर में अधिकतर स्थानों पर अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। अवैध यूनिपोल ही नहीं, बल्कि निगम, एमडीए, पीडब्ल्यूडी, आवास विकास परिषद द्वारा लगाए गए स्वागत द्वारों पर भी अवैध होर्डिंग का कब्जा है। बाहर से शहर आने वाले लोगों को डायरेक्शन बोर्ड तक देखने को नहीं मिलते हैं। अवैध होर्डिंग को लेकर महापौर सुनीता वर्मा से लेकर अन्य पार्षद भी अनेक बार बोर्ड में प्रस्ताव ला चुके हैं। होर्डिंग की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है, जो अभी तक जारी नहीं की गई है। केवल औपचारिकता के लिए अभियान चलाया जाता है।
शुक्रवार को भी नगर निगम की टीम ने अवैध होर्डिंग के खिलाफ नेहरू रोड, मोहनपुरी मार्ग पर अभियान चलाया और सड़क किनारे लगे फ्लैक्स हटाए। यह अभियान सूरजकुंड रोड तक चलाया गया। अभियान में प्रवर्तन दल के साथ रिटायर्ड कर्नल राजकुमार बालियान, टैक्स इंस्पेक्टर डा. पुष्पराज गौतम, प्रदीप तालियान वअन्य कर्मचारी शामिल रहे।