मेरठ। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के निर्देश के बाद ट्रांसफार्मर फुंकने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में बड़ौत क्षेत्र में अवर अभियंता को ट्रांसफार्मर फुंकने पर निलंबित कर दिया गया था। अब मेरठ में शारदा रोड उपकेंद्र क्षेत्र का ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले में अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन की ओर से यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा क्षेत्र के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को चार्जशीट दी गई है।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही होगी। इसे लेकर ट्रांसफार्मरों के रखरखाव व उनकी देखरेख करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद यह लापरवाही सामने आ रही है। 11 अप्रैल को शारदा रोड उपकेंद्र क्षेत्र में स्थापित 10एमवीए का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया था। इस मामले में विद्युत नगरीय वितरण खंड 33 केवी परिचालन व अनुरक्षण विवि रोड के अधिशासी अभियंता अमित कुमार पाल की लापरवाही सामने आई। जांच में पता चला कि उनके द्वारा ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त होने से बचाए रखने के लिए आवश्यक प्रोटेक्शन में अपने उत्तरदायित्वों का भली-भॉति निर्वहन नही किया गया, जिसके चलते ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ।
इसके चलते प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल की ओर से उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनके द्वारा केम एन्टरप्राईज को दिए गए वर्क आर्डर संबंधी प्रकरण में भी जांच टीम को कई अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। सहायक अभियंता विशाल सिंह व अवर अभियंता सतीश चंद्र चौधरी विरुद्ध चार्जशीट निर्गत की गई है। प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए डिस्कॉम प्रतिबद्ध है। ट्रांसफार्मर की क्षतिग्रस्तता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 14 जिलों में किसी गांव या शहरी क्षेत्र का ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उपभोक्ता नजदीकी विद्युत केन्द्र या फिर विद्युत हेल्प लाइन नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद अगर शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण में 48 घंटों में विद्युत कार्यशाला की टीम द्वारा ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाता तो है कार्रवाई की जाएगी।