जिन खेतों में बीमारी की शुरुआत, वहां से उखाड़ दें पौधे
बासमती धान की खेती से अधिक लाभ के कारण बासमती उत्पादन में बदलाव देखने को मिला है। बकानी रोग से फसल में 5 से 10 प्रतिशत तक नुकसान होता है। धान की पीबी वन, 1509, बासमती, 1121 पूसा, 1401 आदि प्रजातियों में इस रोग का असर ज्यादा है। वैज्ञानिकों के अनुसार बकानी से बचने के लिए ट्राकोडर्मा अथवा कार्बेडाजिम के घोल में पौध को कम से कम एक घंटे डुबाकर रखें। वहीं, अभी जिन खेतों में इस बीमारी की शुरुआत है, पौधे को तुरंत उखाड़ दें। साथ ही दो किलो ट्राइकोडर्मा प्रति एकड़ गोबर की खाद में मिलाकर डालें। आवश्यकतानुसार सुडमोमोनास का स्प्रे करें। ज्यादा तापमान में फंगस ज्यादा बढ़ता है, जिससे बीमारी अधिक फैलती है।
कर रहे किसानों को जागरूक
इस बार बासमती की फसल में बकानी रोग का असर ज्यादा है। प्री मानसून बारिश न होने से कारण यह बीमारी फैली है। हमारी टीमें पश्चिमी यूपी के बाद हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के दौरे पर हैं। इन राज्यों में भी रोग होने पर किसान खेतों को जोत रहे हैं। किसानों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. रितेश शर्मा, प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक बीईडीएफ
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