पिता को बेटियों ने दी मुखग्नि
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इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने बेटियों के इस कदम की सराहना की और कहा आज बेटियां बेटों से कम नहीं है। उन पिताओं को इन बेटियों से सबक लेना चाहिएए जो गर्भ में ही बेटियों को मार देते हैं या बेटियों के पैदा होने पर शोक जताते हैं। लोगों ने दोनों बेटियों को आदर्श बताते हुए आगे बढने का संकल्प दिलाया।
पिता का नाम करेंगे रोशन, मॉ को अपनी कमाई से देंगे घर
जब यह रस्म चल रही थी बेटी वैष्णवी की आंखे भर आईं। पिता के जाने का दुख और फिर समाज में ये रीति रिवाज जिसका कभी पता न हो, पिता के जाने के दुख के बीच बेटी ने पुत्र धर्म का फर्ज निभाया। बाद में नम आंखों से कहा कि पिता ने जो समाज सेवी के रुप में काम करने की बात कही उसे वह आगे बढाएंगे और अपनी मेहनत की कमाई से अपनी मां को घर देंगे।
मुंबई में कार्य करती है दोनों बहने
मां रजनी पांडे ने बताया कि उनकी छोटी बेटी वैष्णवी मुंबई में आईसीआईसीआई बैंक में अधिकारी है, जबकि बड़ी बहन शुचि भी मुंबई में सिघानियां ग्रुप में अधिकारी के रूप में कार्यरत है। दोनों बहनों का मानना है कि समाज बेटियों की कद्र करे तो बेटियां भी समाज का संबल बन सकती हैं। दोनों ने पिता की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए अखिलेश सेवा ट्रस्ट शुरू करने की बात भी कही।