परीक्षा केंद्र बढ़ेंगे, अतिरिक्त कक्षाओं में परीक्षा कराएगा विवि
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में 10 जून से प्रस्तावित परीक्षा को लेकर विवि केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी कर सकता है। जो केंद्र पहले से बने हुए हैं, उनके यहां अतिरिक्त कक्षों की जानकारी मांगी जा रही है। सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए विवि प्रशासन पूूरा डाटा जुटा रहा है। अगर दो कुर्सी छोड़कर परीक्षार्थी को बिठाया गया तो कितने कक्ष और केंद्रों को बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। इस पर मंथन चल रहा है। विवि केंद्र और परीक्षा कक्ष बढ़ाएगा।
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के कॉलेजों में 22 फरवरी से रेग्युलर में बीए-बीकॉम और बीएससी एवं प्राइवेट में बीए-बीकॉम, एमए-एमकॉम की परीक्षाएं शुरू हुईं थी। इन परीक्षाओं में तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हैं। तीन पालियों की परीक्षाएं 27 अप्रैल को खत्म होनी थी। लेकिन लॉकडाउन होने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गईं। अब इनमें 89 पेपर बचे हुए हैं। हाल ही में हुई परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि 10 जून से परीक्षा का कार्यक्रम घोषित होगा। शासन को प्रस्ताव भेजकर परीक्षा तीन घंटे की बजाय दो घंटे की कराने को कहा गया है। प्रश्नपत्रों के अंक पहले की तरह रहेंगे। प्रश्नों की संख्या भी समय के अनुपात में रहेगी। परीक्षा में सोशल डिस्टेसिंग का खास ध्यान रखना पड़ेगा। ऐसे में विवि प्रशासन सभी केंद्रों से यह डाटा मांग रहा है कि उनके यहां पर कितने कक्ष अतिरिक्त हैं। क्योंकि कम से दो कुर्सी छोड़कर छात्रों को बिठाना होगा। ऐसे में कक्षों की संख्या बढ़नी स्वाभिक है। इसके साथ ही जिन कॉलेजों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है वहां से कुछ कोर्सों को अलग करते हुए दूसरे सेंटर भी बनाए जा सकते हैं। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि कॉलेजों से इस बारे में जानकारी मांगी गई है। परीक्षा विभाग से भी यह डाटा निकलवाया जा रहा है कि किस केंद्र पर कितने परीक्षार्थी पहले रोल लिस्ट के हिसाब से पेपर दे रहे थे। सोशल डिस्टेंस को देखते हुए क्या स्थिति रहेगी।