अब जल्द ही हर गांव में प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा से लैस ये केंद्र पहले से संचालित किए जा रहे उपकेंद्र से कई मायनों में अलग होंगे। जहां मरीजों को ओपीडी में देखे जाने की व्यवस्था होगी और उन्हें कुछ घंटे के लिए भर्ती भी किया जा सकेगा।
शासन की तरफ से वी हेकाली झिमोमी सचिव ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें और परिवार कल्याण विभाग को पत्र लिखकर सरकार की प्राथमिकता वाले कामों को लेकर प्रस्ताव मांगा है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हुई तीन प्राथमिकतायें हैं, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र की आधारभूत संरचना में सुधार, हर गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना और सभी अस्पतालों में प्रसव कक्ष को अत्याधुनिक बनाना है। अब शासन के लिखित आदेश पर स्वास्थ्य मुख्यालय ने हर जिले के सीएमओ को पत्र लिखकर उन गांवों का ब्योरा मांगा है जहां पर प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। शासन ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता वाले कामों को लेकर वित्तीय वर्ष 2017-18 में धनराशि की व्यवस्था की जानी है. जो बजट के माध्यम से होनी है।
मिल सकेंगे करीब 350 उपकेंद्र
जिले में पहले से 330 उपकेंद्र संचालित है, जिनमें से करीब 70 से 80 केंद्र नगरीय क्षेत्र में हैं। पूरे जिले पर नजर डाले तो 482 नगर पंचायत और 619 गांव हैं। जिसमें से कुछ गांव आपस में जुड़े हुए हैं, जिन्हें संयुक्त रूप से उपकेंद्र मिल सकता है। ऐसी स्थिति में हर गांव में भी स्वास्थ्य केंद्र खोला जाता है तो करीब 350 उपकेंद्र नए मिल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर पीके जैन कहते हैं कि अभी तक 5000 की आबादी पर स्वास्थ्य उप केंद्र खोले जाने की व्यवस्था। ऐसे में काफी सारे गांवों को नए स्वास्थ्य उपकेंद्र मिल सकेंगे। जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पहले किराये पर हो सकेंगे संचालित
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सरकार प्रस्ताव लेने के बाद पहले चरण में वित्तीय वर्ष 2017-18 में किराये की बिल्डिंग में उपकेंद्र संचालित करने का निर्देश दे सकती हैं। उसके बाद जमीन की उपलब्धता के हिसाब से उपकेंद्र की बिल्डिंग बनाने का काम शुरू हो पाएगा।
एएनएम की होगी तैनाती
हर उप केंद्र पर एक एएनएम की तैनाती की जाएगी। बताया जा रहा है कि हफ्ते के एक दिन पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सक को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी करनी होगी। हालांकि सरकार प्लान बना रही है कि उपकेंद्र पर संविदा के हिसाब से बीएमएस व बीयूएमएस चिकित्सकों को तैनाती दी जाए। इसके साथ ही सेवानिवृत्त चिकित्सकों को भी व्यापक पैमाने पर दोबारा से रखे जाने की प्लानिंग बनाई जा रही है।