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हर नोट और सिक्का है कुछ खास, शौकीनों के पास बहादुर शाह जफर तक के जमाने की मौजूद है मुद्रा

Mon, 28 Nov 2016 01:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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पुराने सिक्कों का संग्रह। - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ नोट बंदी से आम जनता परेशान है, वहीं शौकीन इन नोटों को सहेजने में जुटे हैं। प्रचलन से बाहर होने के कारण ये नोट और भी खास हो गए हैं। सिर्फ यही नोट नहीं बल्कि, शौकीनों के पास बहादुर शाह जफर तक के जमाने की मुद्रा मौजूद है। देसी के साथ विदेशी मुद्रा, रेयर और मिसप्रिंट नोट भी इन्होंने एकत्र किए हुए हैं। अपने शौक को पूरा करने के लिए ये लोग लगातार नोट एकत्र कर रहे हैं। 
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एक रुपये से लेकर हजार तक के नोट 
वैली बाजार निवासी तुषार्थ के पास एक रुपये से लेकर एक हजार के नोटों का अद्भुत संग्रह है। सेंट मेरीज एकेडमी से कॉमर्स से इंटर के बाद एमबीए कर रहे तुषार्थ पिछले आठ सालों से नोट और सिक्कों के संग्रहण में जुटे हैं। उनके पास मुगल शासक बहादुर शाह जफर के काल की तीन भाषा लिखी मुद्राएं हैं। पूरे देश में घूम-घूमकर तुषार्थ ने ये नोट जमा किए हैं। बकौल तुषार्थ एक दिन हमारी किराना दुकान पर एक पुराना सिक्का आया, पापा ने मुझे वो सिक्का दिखाया तो मैंने रख लिया। दोस्तों को वो सिक्का दिखाया तो वो मांगने लगे। वहीं से मुझे शौक लगा। मंदिरों में जाकर, दुकानों से, फल, सब्जी वाला, बस, रिक्शा वालों से तुषार्थ ने ये सिक्के और नोट जमा किए। पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर से एक रेयर 500 रुपये का नोट एकत्र किया। संग्रह में देश में अभी तक जारी विशेष सिक्के भी शामिल हैं। चांदी का 50 रुपये, 150 रुपये, 100 रुपये का सिक्का भी है। 1978 में बंद हुआ एक हजार का नोट है। कोलकाता म्यूजियम में रखे दस हजार और पांच हजार के नोट की तस्वीरें भी संजोकर रखी हैं। 1987 में आया 500 का नोट, जो 1997 में चलन से बाहर हुआ वो भी उनके पास है। अब इन्होंने 500, हजार के नोट को संभालकर रख लिया है। 

20 सालों से जमा कर रहे 786 के नोट
लाला के बाजार निवासी शाहरुख पिछले 20 सालों से 786 नंबर के नोट जमा कर रहे हैं। खेल उपकरणों के निर्माता शाहरुख को 100 रुपये का 786 नंबर का पहला नोट 20 साल पहले दुकान के गल्ले में मिला। उनकी नजर नोट पर गई तो उन्होंने उसे संग्रह करने का विचार किया। इसके बाद शाहरुख गल्ले में आने वाले हर नोट में 786 नंबर खोजते। दोस्तों, रिश्तेदारों से भी ऐसा नोट मांगना शुरू किया। कई बार लोग नहीं देते तो नोट दोगुनी कीमत में लेता। इस समय शाहरुख के पास एक रुपया, दो रुपया, पांच रुपया, दस रुपया, 20 रुपया, सौ रुपया, पांच सौ और हजार का 786 नंबर का नोट है। 22 हजार से अधिक की राशि 786 नंबर के नोटों की है। इसमें पुराने नोट भी हैं। बकौल शाहरुख कई बार पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत भी आई। मन में खर्च करने का विचार भी आया तो पत्नी और बच्चों ने इसमें सहयोग दिया और खर्च नहीं होने दिया।
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सहेजा है हैदराबाद रियासत का सिक्का 
सरधना रोड स्थित डिफेंस एन्क्लेव निवासी रामदत्त भारद्वाज पंजाब लाइन केंद्रीय विद्यालय से रिटायर्ड शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही पुराने सिक्के संभालकर रखने में रुचि थी। 1336 का हैदराबाद सियासत का एक पैसे का सिक्का उनके पास है। इसके अलावा तीन पाई भी हैं। तीन पाई एक पैसे के बराबर होती हैं। पाई से लेकर पैसा, आना, दुआना, आठ आना व एक रुपया से लेकर 10 रुपये तक के सिक्के उनके पास हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईराक, नेपाल, जर्मन, सऊदी अरब आदि देशों के सिक्के भी हैं। उनके पास ईस्ट इंडिया कंपनी के जमाने 1835 का भी एक पैसे का सिक्का है। ये सिक्के तांबा, गिल्ट व पीतल के हैं। आरडी भारद्वाज ने बताया कि उनकी पत्नी ने भी उनके सिक्के जमा करने में काफी मदद की है। उनके पास करीब सात सौ सिक्के हैं। वह कहते हैं कि पुराने जमाने के एक पैसे की कीमत और आज के एक रुपये की कीमत को देखकर आश्चर्य होता है।
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