हस्तिनापुर (मेरठ)। प्रयागराज के पानदरीबा निवासी मृतक सौरव शर्मा को अंतिम क्षणों में कंधा देने के लिए उसका कोई परिजन नहीं आया। पुलिस ने शुक्रवार को श्मशान में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मंगलवार की सुबह प्रयागराज के पानदरीबा निवासी सौरव शर्मा (35) का कस्बे के मुख्य मार्ग पर शव पड़ा मिला था। उसकी हत्या चाकू से वार कर की गई थी। शराब पीते समय उसकी कहाुसनी हस्तिनापुर प्रभात नगर कॉलोनी निवासी आकाश शर्मा से हुई थी। पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, सौरव शर्मा हस्तिनापुर में किसी स्थान पर मजदूरी करता था। करीब 15 दिन पूर्व वह हस्तिनापुर से नोएडा चला गया था। सोमवार को वह हस्तिनापुर लौटा था।
शव की पहचान होने पर पुलिस ने सौरव शर्मा की मां रामरती को सूचना दी थी। मां की उम्र करीब 85 वर्ष है। इस कारण उन्होंने मेरठ आने से मना कर दिया। लेकिन पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए परिजनों का होना जरूरी था। मां रामरती ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। दो बेटे हैं, जो कि बाहर हैं, जिनका उसे कोई पता नहीं है। पुलिस की एक टीम उन्हें लेने के लिए प्रयागराज के गांव पानदरीबा पहुंची, परंतु उसने मेरठ आने से मना कर दिया। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह उसके बेटे सौरव का अंतिम संस्कार कर दें। हत्या के 72 घंटे के बाद शुक्रवार को पुलिस ने सभी कार्रवाई पूरी करते हुए चौथे दिन सौरव शर्मा का पोस्टमार्टम कराया और मेरठ के श्मशान में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।