गंगाजल योजना की पाइप लाइन में आए दिन छेद हो रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता को पर्याप्त गंगाजल नहीं मिल रहा है। गंगाजल छोड़ते ही पाइप लाइन फट रही हैं। जो पाइप लाइन की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़े कर रही है। छह माह में एक दर्जन स्थानों पर पाइप लाइन फट चुकी है। जबकि अभी भोले की झाल से पूरा गंगाजल नहीं लिया जा रहा है।
235 करोड़ की इस योजना में शहर को 43 क्यूसेक (करीब 1217 लीटर प्रति सेकंड) गंगाजल की सप्लाई शुरू होनी है। अभी पूरे शहर में पानी की पाइप लाइन नहीं डली है, इसलिए छह माह पहले भोले की झाल से केवल पांच क्यूसेक (करीब 141 लीटर प्रति सेकंड) गंगाजल की सप्लाई शुरू की गई। एक बार ही शहर के चारों जलाशयों से जुड़ी जनता को गंगाजल दिया गया। अक्तूबर और नवंबर में सप्लाई बंद रही। नवंबर के अंतिम सप्ताह में भोला झाल से सप्लाई शुरू हुई तो 10 दिन तक जल निगम ने थापर नगर नाले में ही गंगाजल खोले रखा। शहर विधायक के हस्तक्षेप के बाद सप्लाई खोली गई तो शंकर आश्रम के निकट पाइप लाइन फट गई।
सपना रह गया अधूरा
आए दिन पाइप लाइन लीकेज होने के कारण शहर की जनता का हर-हर गंगे, घर-घर गंगे का सपना अधूरा रह गया है। टाउन हॉल तो कभी साकेत इलाके में पाइप लाइन लीकेज हो रही है। ईव्ज चौराहा से कचहरी मार्ग होकर सर्किट हाउस जलाशय पहुंचने वाली पाइप लाइन शंकर आश्रम के पास लीकेज हो गई। उसके बाद अभी तक पूरी तरह पाइप लाइन को ठीक नहीं किया गया है। सर्किट हाउस जलाशय से जुड़े इलाके में गंगाजल की बजाय नगर निगम के निजी संसाधनों से ही पानी की सप्लाई हो रही है। जनता की मानें तो काफी घरों तक पानी ही नहीं पहुंच पाता है। यह हाल तब है जबकि सर्दियों में पानी की खपत घट जाती है।
गड्ढा खोदकर रह गए
जल निगम ने बृहस्पतिवार को शंकर आश्रम के निकट सड़क की खुदाई की। लेकिन अभी तक पाइप लाइन ठीक नहीं हो सकी है। जिसके कारण सर्किट हाउस जलाशय तक गंगाजल सप्लाई नहीं पहुंच सकी।
विस में उठाएंगे मुद्दा
शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि पाइप लाइन ही घटिया किस्म की है। शंकर आश्रम के निकट फटी पाइप लाइन अभी तक ठीक नहीं की गई है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
शहर में यहां हैं गंगाजल जलाशय
बच्चा पार्क निकट शर्मा स्मारक
सर्किट हाउस
विकास पुरी
यहां-यहां फटीं पाइप लाइन
साकेत, सर्किट हाउस के निकट, कैलाश प्रकाश स्टेडियम चौराहा, शंकर आश्रम के निकट
इन कॉलोनियों को सप्लाई
साकेत, सिविल लाइन क्षेत्र, सूर्य नगर, प्रगति नगर, ऑफिसर कॉलोनी, वेस्टर्न कचहरी रोड, शिवाजी रोड, नंगला बट्टू, अशोक वाटिका, प्रभात नगर, मोहनपुरी, मंगलपांडे नगर आदि सहित 17 कॉलोनियां और मोहल्लों तक गंगाजल पहुंचा था।