फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: बुकिंग के बाद भी मोबाइल पर नहीं पहुंच रहा ओटीपी, नहीं मिल रही गैस

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। घरेलू गैस को लेकर लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। तेल कंपनियों का सर्वर ठप रहने से पंजीकरण नहीं हो पाता। यदि पंजीकरण हो भी जाए तो ओटीपी नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
विज्ञापन


इस कारण गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों के बाहर खाली सिलिंडर लेकर लोगों की लाइनें लगी हैं। पूर्ति विभाग के दावों के बावजूद घरेलू गैस की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है। लोगों का आरोप है कि इस कालाबाजारी में गैस एजेंसियों के विक्रेता भी शामिल हैं। बिना पंजीकरण कराए ही उनके पास गैस बुक होने के संदेश पहुंच रहे हैं। शिवलोकपुरी निवासी रजनीश कौशल ने बताया कि उन्हें बिना पंजीकरण के ही गैस बुक होने के संदेश मिले। साथ ही आपूर्ति का संदेश भी पहुंच गया। कालाबाजारी साबित होने पर पूर्ति विभाग ने तीन गैस एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया है। गैस एजेंसी संचालक कहते हैं कि पच्चीस दिन पूरे न होने पर भी लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं। सैनिक विहार निवासी विजय मान ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग हो रहे हैं।

बुकिंग और आपूर्ति की समस्या


तेल कंपनियों का सर्वर अक्सर ठप रहता है जिससे गैस पंजीकरण में दिक्कत आती है। पंजीकरण होने के बाद भी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर पुष्टि संदेश नहीं मिल पाता। इस कारण वे अपना सिलिंडर प्राप्त नहीं कर पाते हैं। गैस एजेंसियों पर लोगों की शिकायतें नहीं सुनी जा रही हैं। लोगों का आरोप है कि एजेंसियों की मिलीभगत के बिना कालाबाजारी संभव नहीं है।
विज्ञापन


कालाबाजारी और विभागीय कार्रवाई


घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के पूर्ति विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसियों के विक्रेता इसमें लिप्त हैं। जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि कालाबाजारी की शिकायत उनके कार्यालय में करें। शिकायत मिलते ही कड़ी कार्रवाई की जा रही है। घरेलू गैस का दुरुपयोग रोकने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें