मेरठ। सहारनपुर में तैनात दरोगा दर्शनलाल पर 14 वर्ष से मेरठ के सिविल लाइन थाने में बने सरकारी आवास पर कब्जा करने का आरोप लगा है। आरोप है कि दर्शनलाल का बेटा सरकारी आवास पर आता-जाता रहता है। जबकि वर्तमान में यह सरकारी आवास मेरठ पुलिस लाइन में तैनात महिला सिपाही कंचन के नाम पर आवंटित है। महिला सिपाही ने एसएसपी ऑफिस पर दरोगा व उसके बेटे के खिलाफ शिकायत पत्र दिया था जिसके आधार पर पुलिस ने सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दरोगा दर्शनलाल की 2011 तक मेरठ में पोस्टिंग थी। उन्होंने सिविल लाइन थाने में सरकारी आवास ले रखा था। आरोप है कि 2011 में दरोगा का गैर जनपद में स्थानांतरण हो गया था। मगर उन्होंने सरकारी आवास खाली नहीं किया। आरोप है कि 14 वर्ष से दरोगा व उनके बेटे ने सरकारी आवास पर कब्जा कर रखा है। फिलहाल दर्शनलाल की सहारनपुर में पोस्टिंग चल रही है।
महिला सिपाही कंचन ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर शिकायतपत्र दिया। कंचन के अनुसार उसने 2022 में सिविल लाइन थाने में एक सरकारी आवास का आवेदन किया था। उनको कुछ समय बाद सरकारी आवास आवंटित हो गया था लेकिन दर्शनलाल और उनका बेटा आवास खाली नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कंचन को अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहना पड़ रहा है। कंचन ने पूर्व में कई बार अधिकारियों से मामले की शिकायत की। अधिकारियों ने दरोगा दर्शनलाल को नोटिस भी भेजे थे लेकिन बावजूद इसके दरोगा ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार को पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर दरोगा दर्शनलाल व उसके बेटे पर प्राथमिकी दर्ज कर दी। एसपी सिटी का कहना है कि दरोगा से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।