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पीएचडी एंट्रेंस पास करने वालों से आवेदन मांगेगा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय

Wed, 28 Sep 2016 04:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय पीएचडी एंट्रेंस पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों से कोर्स वर्क के लिए आवेदन आमंत्रित करने जा रहा है। इस सप्ताह यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विषयों में खाली सीट और एंट्रेंस से बाहर रहने वाले आवेदकों का ब्योरा विवि ने तैयार कर लिया है। एंट्रेंस पास करने वालों का भी ब्योरा है, लेकिन उनमें से कोर्स वर्क करने में कितनों की दिलचस्पी है, यह आवेदन से पता चल जाएगा। आर्ट स्ट्रीम के कुछ विषयों में कोर्स वर्क के लिए मेरिट तैयार करनी पड़ सकती है।
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विवि पीएचडी के लिए कोर्स वर्क जल्द शुरू करने जा रहा है। विषयवार खाली सीटों की संख्या, एंट्रेंस से छूट वाले आवेदकों की संख्या और एंट्रेंस क्वालीफाई करने वालों की संख्या विवि के पास है। विवि ने आरडीसी (रिसर्च डेवलेपमेंट कमेटी) की बैठक करानी शुरू कर दी है। राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी विषय की हो भी चुकी है। दूसरे विषयों का भी शेड्यूल तय किया जाएगा। विवि पहले एंट्रेंस क्वालीफाई करने वालों से कोर्स वर्क के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा।
32 विषयों में करीब 1800 अभ्यर्थियों ने एंट्रेंस क्वालीफाई किया है। साइंस के अधिकांश विषयों में तो सीट को लेकर मारामारी नहीं होगी, लेकिन आर्ट्स में जरूर कुछ विषयों में फाइट है। विवि इस सप्ताह आवेदन मांग सकता है। कोर्स वर्क छह महीने का होगा। जिसमें दो पेपर पास करने होंगे। फीस 25 हजार रुपये है। कोर्स वर्क सीटों के सापेक्ष कराया जाएगा। कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है पीएचडी के कोर्स वर्क जल्द शुरू किए जाएंगे। जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) आवेदकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आरडीसी कराई जा रही हैं। उन्हें फेलोशिप के लिए दो साल के अंदर ज्वाइन करना होता है।  
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एक से अधिक जगह भी चल सकते हैं कोर्स वर्क
अभी तक विवि एक विषय का कोर्स वर्क एक ही जगह चलाता रहा है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों के शिक्षक के अंडर पीएचडी कर रहे शोधार्थी रहते हैं। कुछ विषयों में कोर्स वर्क करने वाले 100 से भी अधिक होंगे। ऐसे में एक क्लास में सबको कोर्स वर्क कराना संभव नहीं होगा। इस पर विवि सोच रहा है कि 40 शोधार्थी से अधिक होने पर एक ही विषय का कोर्स वर्क दो जगह या इससे अधिक जगह पर भी कराया जा सकता है।
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