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Meerut News: याकूब कुरैशी समेत पूरा परिवार गैंग की सूची में शामिल

Sat, 29 Apr 2023 06:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

प्रदेश माफिया घोषित करने के बाद अब हर याकूब कुरैशी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। गैंग-डी 144 में पूर्व मंत्री को सरगना बनाया गया है, इसमें दोनों बेटे और पत्नी भी सदस्य बताए गए हैं।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कुछ समय पहले शासन ने याकूब को प्रदेश माफिया की सूची में शामिल किया था। अब जिला पुलिस ने याकूब कुरैशी का गैंग डी-144 के रूप में पंजीकृत किया है।
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इस गैंग में याकूब के बेटे फिरोज और इमरान, पत्नी संजीदा बेगम उर्फ समजीदा, घोसीपुर निवासी फैजाब, नरहेड़ा गांव निवासी मुजीब और शास्त्रीनगर निवासी मोहित त्यागी को भी शामिल किया गया है।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के अनुसार तेलीयान सराय बहलीम निवासी याकूब कुरैशी शातिर अपराधी है, जो अपने सहयोगियों के साथ गैंग बनाकर आर्थिक और भौतिक लाभ लेने के लिए मांस के अवैध कारोबार और अन्य जघन्य अपराध करने में सक्रिय है। निगरानी और नियंत्रण करने के लिए इस गैंग को सूची में शामिल किया गया है।
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पूर्व मंत्री से प्रदेश माफिया और अब बना गैंग का सरगना
पहले हाजी याकूब की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। 1980 के दशक में उसने मेरठ में नींबू बेचना शुरू किया था। इसके बाद 2002 में राजनीति में कदम रखा और सबसे पहले बसपा से विधायक बने। फिर मंत्री भी रहे। पिछले साल मार्च माह में याकूब की मीट फैक्टरी अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी हुई थी। यहां अवैध तरीके से मीट की पैकिंग हो रही थी और खराब मीट विदेशों में भेजा जा रहा था।

इस प्रकरण में याकूब, उसकी पत्नी, दो बेटे समेत 17 लोगों को नामजद किया था। काफी प्रयास के बाद याकूब को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। याकूब फिलहाल सोनभद्र जेल में है। याकूब को शुरूआत में मेरठ जेल में रखा गया था, लेकिन यहां पर उसे वीवीआईपी सुविधाओं की शिकायत मिल रही थी, इसके चलते यहां से जेल बदल दी गई थी। याकूब के दोनों बेटे जमानत पर है।

संपत्ति और गाड़ियां हो चुकी हैं जब्त
एक समय बसपा के कद्दावर नेता कहे जाने वाले याकूब कुरैशी पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वह खुद सोनभद्र जेल में बंद है। जिला प्रशासन की तरफ से याकूब को आर्थिक तौर पर भी कमजोर किया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से अभी तक याकूब की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति और 32 लग्जरी गाड़ियों को जब्त किया जा चुका है। कुछ अन्य संपत्ति भी बची है। इसकी प्रक्रिया चल रही है।

विवादों से रहा याकूब का नाता
याकूब कुरैशी कई विवादों में भी रहा। वह पहली बार तब सुर्खियों में आया था, जब डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इसके अलावा भी अलग-अलग बयानबाजी को लेकर चर्चाओं में रह चुका है। जिस तरीके से याकूब पर शिकंजा कसा जा रहा है, उसके बाद नजदीक दिखने वाले लोगों ने भी दूरी बना ली है।

बदला रहा दल
याकूब कुरैशी ने शुरूआत में यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) नाम से एक अलग पार्टी बनाई थी। इसके बाद वह बसपा में शामिल हो गया था। साल 2007 में याकूब कुरैशी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके बाद बसपा सरकार ने मंत्री बनाया था। साल 2012 में चुनाव में टिकट कटने के बाद वह लोकदल में शामिल हो गया था। हालांकि कुछ दिन बाद वह सपा में चला गया था। फिर बसपा में वापसी की। याकूब को जिसका पलड़ा भारी लगता, उसी में शामिल हो जाता था।
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