मेरठ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा द्वारा हाई लॉस बिजलीघरों और फीडरों की समीक्षा करने और इस दौरान वहां के अवर अभियंताओं से सीधी पूछताछ करने की खबर से पीवीवीएनएल अधिकारियों में हड़कंप है। बिजलीघरों का तमाम रिकार्ड दुरुस्त कराने के लिए मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता ने चिह्नित बिजलीघरों का दौराकर अवर अभियंताओं को होमवर्क पूरा करने की हिदायत दी।
गांवों से लेकर शहर तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बिजली चोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने हाई लॉस बिजलीघरों और फीडरों को बिजली चोरी के हिसाब से श्रेणीबद्ध करने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी कम से कम दो हाई लॉस फीडर लेने की अपील की थी। बिजली चोरी को लेकर गंभीर ऊर्जा मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर की डिस्कॉम के जिलों की समीक्षा कर रहे हैं। इस कड़ी में पीवीवीएनएल के गाजियाबाद और गौतमबुद्ध्नगर जिले की समीक्षा हो चुकी है। वहीं, 10 सितंबर को मेरठ जनपद की बारी है। इसके लिए शहर में सूरजकुंड बिजलीघर और ग्रामीण क्षेत्र का हर्रा फीडर चुना गया है। इन दोनों फीडरों में 40 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी है। ऊर्जा मंत्री इन दोनों बिजलीघरों पर हो रही चोरी, कनेक्शन, लोड, ट्रांसफार्मर, बिजली बिल, बकाया और वसूली आदि की पूछताछ यहां के अवर अभियंताओं से करेंगे। इसकी जानकारी पाकर मुख्य अभियंता मेरठ जोन एसबी यादव और अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह सूरजकुंड फीडर पर पहुंचे और घंटो बैठकर रिकार्ड दुरुस्त कराया। वहीं, हर्रा फीडर का रिकार्ड दुरुस्त कराने के लिए अधीक्षण अभियंता ग्रामीण को निर्देश दिए हैं।