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एनएच 58 : सर्विस रोड पर हो गए अवैध कब्जे, जिम्मेदार बेपरवाह

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मेरठ। एनएच-58 की सर्विस लेन पर अवैध कब्जा करने वाले व्यवसायिक भवन स्वामियों पर डीएम के आदेश का भी असर नहीं हो रहा है। एनएचएआई द्वारा सभी भवन स्वामियों को नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। अब एनएचएआई सभी से जुर्माना वसूली की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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दो दिन पहले अमर उजाला ने एनएच-58 का जायजा लिया था। इसमें सामने आया कि हाईवे किनारे जगह-जगह होटल, विवाह मंडप, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट सहित अन्य व्यवसायिक भवन बने हुए हैं। इनसे निकलने वाले वाहन सर्विस रोड नहीं बल्कि सीधे हाईवे पर पहुंचते हैं। इस कारण हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सर्विस रोड की भूमि पर भवन स्वामियों ने वाहन पार्किंग बनाकर अवैध कब्जे कर लिए हैं।
10 साल में भी मुक्त नहीं हुई सर्विस रोड
मेरठ से मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा तक एनएच-58 की दूरी 78 किमी है। 2006 में हाईवे का निर्माण शुरू हुआ। 2011 में टोल वसूली शुरू हो गई। उसी समय से हाईवे पर लोगों ने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थापित करने शुरू कर दिए। कब्जा होता गया, लेकिन एनएचएआई ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
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शादियों के सीजन में हाईवे होता है जाम
हाईवे किनारे संचालित विवाह मंडप और होटलों में विवाह कार्यक्रम होते हैं। मंडप और होटलों के बाहर अधिकतर वाहन हाईवे पर ही खड़े होते हैं। शादियों के सीजन में हाईवे जाम से जूझता है। इसे लेकर एनएचएआई ही नहीं बल्कि लोकल पुलिस भी गंभीर नहीं है।
कट भी नहीं हो रहे बंद
परतापुर से मोदीपुरम तक हाईवे पर जगह-जगह डिवाइडर कट खुले पड़े हैं। एक तरफ जहां हाईवे पर 100 से 130 की स्पीड से हलके भारी वाहन दौड़ते हैं वहीं इनके बीच में डिवाइडर कट से जनता गुजरती है। जिस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। कई स्थानों पर फुट ओवरब्रिज और अंडरपास और सर्विस रोड की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
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लापरवाही पर होगी कार्रवाई
एनएचएआई को निर्देश दिए जा चुके हैं, यदि नोटिस देने और जुर्माना लगाने में कोताही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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