मुख्यमंत्री तक शिकायत, फिर भी नहीं हटा अतिक्रमण
मेरठ। सड़क किनारे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के मुख्यमंत्री के आदेश को भी नगर निगम अफसर ताक पर रख रहे हैं। पिछले एक साल से मुख्यमंत्री कार्यालय से शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश जारी हो रहे हैं, लेकिन अतिक्रमण कम होने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम प्रशासन सिर्फ कागजों में ही कार्रवाई कर रहा है।
सरकारी भूमि, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों की एक टीम यानि प्रवर्तन दल का गठन किया था। एक टीम मेरठ शहर में भी उतारी गई थी, लेकिन इसके बावजूद शहर की सड़कों पर कब्जे जस के तस ही बने हुए हैं। इसका ताजा उदाहरण है राजकीय इंटर कॉलेज के पास हो रहे कब्जे। यहां कॉलेज के बाहर लोगों ने अवैध कब्जे कर दुकानें बना ली हैं। स्कूल से 500 मीटर आगे तक यह कब्जे हैं, जिस कारण सड़क संकरी हो गई है। जाम से लोग परेशान होते हैं। लोग इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर कई बार कर चुके, जहां से नगर निगम को तत्काल अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए, लेकिन नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाना तो दूर मौके पर जाकर स्थिति को देखना तक गवारा नहीं समझा।
दो गाड़ियों से चलता है प्रवर्तन दल
- प्रवर्तन दल को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने दो गाड़ी भी उपलब्ध करायी हुई हैं। ताकि पूरे दल बल के साथ वह मौके पर पहुंचकर सड़क से अतिक्रमण हटवा सकें। प्रवर्तन दल ने शहर में कुछ जगह कार्रवाई भी की, लेकिन उन सभी स्थानों पर फिर से अतिक्रमण कर लिया गया है।
मजिस्ट्रेट की जरूरत
- अतिक्रमण को लेकर सीएम पोर्टल पर शिकायत की जानकारी है। उस अतिक्रमण को हटाने के लिए मजिस्ट्रेट की जरूरत है। नगर निगम प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का कार्यक्रम निर्धारित करता हैं। अगर हमें कार्यक्रम मिलेगा तो जरूर कब्जे हटवाएंगे। - राजकुमार बालियान, प्रवर्तन दल प्रभारी।
शीघ्र हटवाएंगे अतिक्रमण
अतिक्रमण हटवाने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की जरूरत होती है। नगर आयुक्त से स्वीकृति मिल गयी है। शीघ्र ही अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी।