हापुड़ अड्डा चौराहा... यहां दुकानें भी सड़क पर और ऑटो स्टैंड भी
मेरठ। शहर का सबसे व्यस्त हापुड़ अड्डा चौराहा। इस चौराहे वाहन निकालना तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल है। सड़क के दोनों ओर ठेले वालों का कब्जा रहता है वहीं ऑटो और ईरिक्शा चालक बीच सड़क पर खड़े रहते हैं। सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक तो इस चौराहे पर वाहन रेंगते रहते हैं, चौराहे से आगे आधा किमी तक की दूरी तय करने में 10 से 15 मिनट तक का समय लग जाता है। यह हाल तब है जबकि चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी खड़े रहते हैं, लेकिन वह व्यवस्था बनाने की बजाय वाहनों की चेकिंग में लगे रहते हैं। न तो बीच सड़क पर खड़े ऑटो और ई-रिक्शा चालाकों को सख्ती से हटाया जाता है और न ही सड़क किनारे लग रहीं दुकानों पर कार्रवाई होती है।
हापुड़ अड्डा चौराहे को जाम मुक्त बनाने के लिए अफसर बड़े-बड़े दावे करते हैं। इस मार्ग पर मेट्रो के साथ ही फ्लाईओवर भी प्रस्तावित है। तीन माह पहले चौराहे को विकसित करने के लिए एमडीए, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों ने यहां का निरीक्षण भी किया था और प्लान भी बनाया था, लेकिन एक इंच भी काम नहीं किया। वहीं एक साल पहले तत्कालीन एसएसपी और एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने भी पीडब्ल्यूडी और एमडीए के अफसरों को इस चौराहे की भौगोलिक स्थिति में सुधार के लिए सुझाव दिए। जिनमें चौराहे के डिवाइडर, फुटपाथ और रोटरी की स्थिति में सुधार की बात कही गई थी, लेकिन न तो एमडीए के अधिकारियों ने इस प्लान पर कोई काम किया और न ही पीडब्ल्यूडी के अफसरों इसकी सुध ली। नतीजन चौराहे पर वाहन चालक निकलने के लिए जूझते रहते हैं।
बनती है टकराव की स्थिति
हापुड़ अड्डा चौराहा शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला चौराहा है। यहां गढ़ रोड व हापुड़ मार्ग से बेगमपुल तथा बेगमपुल से गढ़ रोड व हापुड़ रोड की तरफ ट्रैफिक संचालित होता है। हापुड़ मार्ग से दाहिने मुड़ने वाले ट्रैफिक और गढ़ रोड से बेगमपुल की ओर मुड़ने वाले ट्रैफिक में टकराव की स्थिति के कारण यहां आवागमन प्रभावित होता है। यहां न तो ट्रैफिक सिग्नल की कोई व्यवस्था है और न ही पैदल राहगीरों के सड़क पार करने के लिए फुट ओवर ब्रिज है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने कई बार चौराहे से अतिक्रमण हटवाया, लेकिन कुछ समय बाद फिर वहीं स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एमडीए तो कार्रवाई के नाम से ही पल्ला झाड़ लेते हैं।
पुलिस बस चेकिंग में व्यस्त
शुक्रवार को भी हापुड़ अड्डे का यह हाल था कि ट्रैफिक पुलिस वाहनों को रोककर चेकिंग कर रही थी और चौराहे पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। चौराहे से गढ़ रोड की तरफ सड़क पर ही चालक बस रोककर यात्रियों को बैठा रहे थे। चौराहे से हापुड़ रोड की तरफ 200 मीटर तक सड़क पर अवैध तरीके से ऑटो व ई रिक्शाओं की लाइन लगी थी। भूमिया पुल की तरफ भी यही हाल था। हालात यह रहते हैं कि लगता है कि यह ई रिक्शा और ऑटो/टेंपो की पार्किंग है।
यह थे पूर्व के सुझाव..
- मेट्रो के विकास व निर्माण होने तक ट्रैफिक सिग्नल विकास के साथ प्रस्ताव के अनुसार ट्रैफिक बूथ किया जाए।
- ट्रैफिक फ्लो चार्ट मानचित्र में दर्शित यातायात का मूवमेंट सिग्नल माध्यम से यातायात के टकराव का समाधान किया जाए।
- जेब्रा क्रॉसिंग सिग्नल के साथ यातायात पुलिस प्रबंधन पोस्ट तैयार किया जाए।
- डिवाइडर के संरक्षण में आंशिक संशोधन व आवश्यकतानुसार विकास किया जाए। इस चौराहे पर चारों ओर सड़क चौड़ी की जाए।
- पूर्व में बने फुटपाथ को भी हटाया जाए
पुलिस करेगी कार्रवाई
हापुड़ अड्डा चौराहे को लेकर एमडीए, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम के अधिकारियों ने तीन माह पहले सर्वे किया था। यहां ऑटो और ई रिक्शआों के लिए शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यदि चौराहे पर अवैध तरीके से ई रिक्शा और टेंपो मिलते हैं तो पुलिस कार्रवाई करेगी। पूर्व में भी इस चौराहे से पुलिस ने अतिक्रमण हटाया था। - संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक