बागपत जिले के चिरचिटा में पहले प्रशासन के आलाधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया फिर बृहस्पतिवार को पंचायत हुई और यहां तक कि शुक्रवार को भाजपा विधायक योगेश धामा, पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और अन्य नेताओं के बीच सभा जारी, लेकिन जिद एक ही पहले सीबीआई जांच के आदेश हो, तभी सुमित गुर्जर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान गांव के बाहर लगाए गए टैंट में नेताओं का जमावड़ा लगा रहा।
ग्रेटर नोएडा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित गुर्जर का परिजनों ने 60 घंटे बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किया। पुलिस पर मुकदमा, सीबीआई जांच और आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग रखी। दिनभर यहां नेताओं और अफसरों का जमावड़ा लगा रहा। भाजपा नेता मुखिया गुर्जर और एएसपी के बीच नोकझोंक हुई। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि इंसाफ के लिए संघर्ष किया जाएगा। डीएम और एसपी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सुमित के घर चिरचिटा के अलावा आसपास के गांवों केे भी सैंकड़ों लोग जमा हैं।
गौरतसलब है कि चिरचिटा गांव के सुमित गुर्जर को तीन अक्तूबर की रात नौ बजे ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। परिजनों का कहना है कि सुमित को बालैनी बस स्टैंड के पास से पुलिस 30 सितंबर को उठाकर ले गई थी। बाद में उसकी हत्या कर दी। बुधवार रात करीब आठ बजे परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर घर पर आ गए थे। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। बृहस्पतिवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया। शव एक मकान में रखा गया है। मांग रखी कि आरोपी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जो पुलिस वाले इस फर्जी मुठभेड़ में शामिल रहे, उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। इसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिसवालों के मोबाइल की सीडीआर निकाली जाए
बागपत के चिरचिटा में सभा
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का कहना है कि जो पुलिसवाले सुमित को बालैनी से उठाकर ले गए थे। आरोपी पुलिसवालों के मोबाइल की सीडीआर निकाली जाए। ताकि सच्चाई सामने आ सके। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार, एएसपी अजय कुमार सिंह, सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह, सीओ ऑफिस वंदना शर्मा ने पीड़ित परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनीं।
डीएम भवानी सिंह खंगारौत और एसपी जय प्रकाश गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ने कहा कि सुमित निर्दोष था, जरूरत पड़ी तो सुमित के शव को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ले जाकर आंदोलन किया जाएगा। आरोप लगाया कि पुलिस की वजह से भाजपा सरकार की बदनामी हो रही है। इस प्रकरण की जांच होनी चाहिए। एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस की ओर से इस मामले में परिवार के शांत होने का इंतजार किया जाता रहा ताकि मामला तूल न पकड़े।
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