बदमाशों का पीछा करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2009 में बदमाश अनिल गुर्जर ने ट्रांसपोर्टर देवेंद्र शर्मा के छोटे भाई सतीश शर्मा से रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर अनिल गुर्जर ने अपने साथी बदमाश मेरठ के थाना दौराला क्षेत्र के गांव बसीपुरा निवासी बिजेंद्र उर्फ बब्बल पुत्र खेमचंद के साथ मिल कर सतीश शर्मा की उस समय गोली मार कर हत्या कर दी थी, जब वह नवीन मंडी के पास अपनी दुकान पर बैठा था। जबकि देवेंद्र शर्मा गोली लगने से बाल-बाल बचा था। उस वक्त बदमाश अनिल गुर्जर हाथों में पिस्टल लहराते हुए अपने साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया था। देवेंद्र शर्मा ने दोनों बदमाशों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कुछ दिन बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अनिल ने 28 मई को फोन पर मांगी थी रंगदारी
इंस्पेक्टर ने बताया कि 28 मई को बदमाश अनिल गुर्जर ने ट्रांसपोर्टर देवेंद्र शर्मा से फोन पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। बदमाश ने रुपये नहीं देने पर गोली मारकर हत्या करने की धमकी भी दी थी। उसी दिन अनिल अपने साथी बदमाश को लेकर देवेंद्र शर्मा की दुकान पर भी रंगदारी लेने पहुंचा था। बदमाश फोन पर लगातार रंगदारी मांग रहा था। पीड़ित देवेंद्र शर्मा ने तीन जून को अनिल गुर्जर और उसके साथी के खिलाफ थाने में रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस तभी से अनिल गुर्जर के तलाश में लगी थी।
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