पांच महीने में 69 मुठभेड़
जिले में एक अप्रैल से 31 अगस्त तक पुलिस और बदमाशों के बीच 69 मुठभेड़ हुई हैं। इनमें 98 बदमाश पकड़े गए जिनमें 77 गोली लगने से घायल हुए जबकि दो बिल्लू दुजाना और राकेश ढेर हो गए। गिरफ्तार बदमाशों में 35 इनामी थे। पुलिस का दावा है कि इस अवधि में नौ बदमाशों ने कार्रवाई के डर से सरेंडर किया।
पैंदा को नहीं पकड़ पा रही पुलिस
एक तरफ मुठभेड़ के बाद पकड़े जाने पर अपराधी माफी मांग रहे तो दूसरी ओर ऐसे बदमाश भी हैं जो पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। इनमें सबसे नया नाम अनिल उर्फ पैंदा का है। उसे उसके साथी और कुछ वकील कचहरी में से पुलिस की हिरासत में छुड़ा ले गए थे। वह जिलाबदर हिस्ट्रीशीटर है। उस पर 25 केस हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह दिल्ली में सरेंडर कर सकता है। इस पर अफसरों ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। जिले के 77 इनामी अपराधी भी पुलिस के हाथ नहीं आ रहे।