मेरठ। नौचंदी मैदान में देर रात हुई मुठभेड़ में फायरिंग कर भाग रहे बदमाशों को जांबाज अफसरों ने गोली मारी। दो बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए, जबकि इनके दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घायल बदमाशों से एक पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है। दोनों बदमाशों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान और सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी के मुताबिक रोहित उर्फ दीपेंद्र, अर्जुन उर्फ शेरू, दिनेश उर्फ कालू और अमित निवासी कानपुर बुधवार रात करीब 10:20 बजे लूट करने की फिराक में हापुड़ रोड स्थित नौचंदी मैदान के सुभाष द्वार के पास खड़े थे। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार, दरोगा जयवीर सिंह, इंस्पेक्टर नौचंदी मनोज मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में रोहित और अर्जुन के पैर में गोली लगी। जबकि दिनेश और अमित मौके से भाग गए।
सोमवार को की थी लूट
पुलिस का दावा कि आरोपी रोहित और अर्जुन ने सोमवार को शास्त्रीनगर में रिटायर्ड डिप्टी जेलर एमपी सिंह की पुत्रवधू सुनीता से 21 हजार रुपये की लूट की थी। दोनों बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। मुठभेड़ के बाद अस्पताल में दोनों बदमाशों की पहचान पुलिस ने की। पांच दिन पहले एक स्कूटी से एक लाख रुपये निकाले थे, वहां भी सीसीटीवी कैमरे में उक्त दोनों ही बदमाश पहचाने गए हैं। इसके अलावा भी दोनों बदमाशों ने लूट की कई वारदातों को करना कबूला है।
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बदमाश कानपुर के, ठिकाना अलीगढ़ और निशाना मेरठ
तमंचा बरामद
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बदमाशों का ठिकाना अलीगढ़ में और मेरठ निशाने पर था। लूट की वारदात की और फिर अलीगढ़ या बरेली की तरफ निकल जाते थे। पुलिस भी लोकल के बदमाशों तक सिमट जाती थी। ये बदमाश बैंकों से निकलने वाले लोगों को लूटते थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बदमाशों की बाइक का नंबर पुलिस ने देखा था, उसके जरिये ही पुलिस बदमाशों तक लगभग पहुंचने वाली थी। लेकिन इससे पहले ही नौचंदी मैदान में यही बदमाश मुठभेड़ में हत्थे चढ़ गए।
इस गिरोह का सरगना दिनेश उर्फ कालू निवासी कानपुर बताया गया है। यह गिरोह सिर्फ मेरठ में लूट करने आता था। करीब छह माह से बदमाश यहां आकर लूट करने के बाद निकल जाते थे। मामला ठंडा होते ही बदमाश फिर लूट की वारदात करते थे। यह सिलसिला लगातार चल रहा था। पुलिस भी इसे लेकर परेशान थी कि आखिर कौन सा गैंग मेरठ में आ गया।
सोमवार को बदमाशों ने शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में डिप्टी जेलर की पुत्रवधू से 21 हजार रुपये लूटे थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी, जिसमें बदमाश के चेहरे और बाइक का नंबर साफ दिखाई दे रहा था। इसी बाइक की पुलिस ने जांच की। बाइक का रजिस्ट्रेशन अलीगढ़ के एक युवक का था। पुलिस का कहना है कि अलीगढ़ के सेलमपुर इलाके में उन्होंने कई साल से अपना ठिकाना बनाया हुआ है।
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पता नहीं, दर्जनों की वारदातें
पकड़े गए बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसरों के अनुसार दोनों आरोपियों से जब मेरठ में की गई वारदातों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि पता नहीं, लेकिन बहुत वारदातें कीं। कंकरखेड़ा, गंगानगर, शास्त्रीनगर समेत कई जगहों पर लूटपाट की और फिर अलीगढ़ भाग जाते थे। कई थानों की पुलिस भी अपने यहां हुईं घटनाओं को लेकर मेडिकल में बदमाशों से पूछताछ करने पहुंची।
दिन भर बाइक से घूमते थे
पुलिस के मुताबिक यह गैंग पल्सर बाइक से शहर में घूमता था। बरेली में भी ये बदमाश कई बार रुके। वारदात की और फिर अलीगढ़ के लिए निकल गए। बदमाश दो बाइकों से चलते थे। कमाल की बात है कि दोनों ही बाइक के नंबर सही है। चेकिंग में वह कभी नहीं पकड़े गए।
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