खरखौदा। लोहिया नगर स्थित इलेक्ट्रॉनिक बस डिपो के मेंटेनेंस विभाग के 30 कर्मचारियों ने उत्पीड़न व वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर बैठ गए।
लोहिया नगर स्थित बने इलेक्ट्रॉनिक बस डिपो में मेंटेनेंस विभाग में एवोल्ट मोबाइलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 30 संविदा कार्मिक कार्यरत हैं। सोमवार देर रात विभाग के सभी कर्मचारी कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। वहीं वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए डिपो परिसर में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें भविष्य निधि व ईएसआई की भी कोई जानकारी नहीं दी जाती है। वह पिछले एक साल से यहां कार्य कर रहे हैं और आज तक उन्हें कोई भी ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि जब इस मामले में अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो अधिकारी नौकरी से बाहर निकालने की धमकी दे रहे हैं। उधर कर्मचारी मांगे पूरी नहीं होने तक कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर बैठ गए हैं।
कर्मचारियों ने बिना किसी जानकारी के कार्य बहिष्कार किया है। जो गलत है। उन्होंने हड़ताल पर बैठने का भी कोई ठोस कारण नहीं बताया। कर्मचारियों को विभाग को चेतावनी देकर लिखित में अपनी मांग रखनी चाहिए। उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। - दिगंबर सिंह बिष्ट, मैनेजर इलेक्ट्रॉनिक बस डिपो मेरठ
नहीं हो सका 13 बसों का संचालन
मैनेजर दिगंबर सिंह बिष्ट ने बताया कि अचानक मेंटेनेंस विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण मंगलवार को 13 बसों का संचालन नहीं हो सका। सभी बसें डिपो में ही खड़ी रही जबकि 11 मई को नगर निगम व नगर पंचायत का दूसरे चरण का चुनाव है। जिस कारण शासन ने रोड पर चलने वाली सभी अनुबंधित व प्राइवेट बसों को हायर कर लिया है। जिस कारण 13 बसों के संचालन बंद होने से सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।