संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर में स्थित महाभारतकालीन एवं पांडवों द्वारा स्थापित प्राचीन श्री महादेव देवी मंदिर में हिंदू नववर्ष विक्रम संवत के स्वागत के उपलक्ष्य में आयोजित श्री हनुमान चरित्र कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कथा का शुभारंभ कथा व्यास शाश्वतानंद महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार, विधिविधान से पूजा-अर्चना और श्रीरामायण की आरती के साथ किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने समाज में नैतिक, धार्मिक और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों को अपने बच्चों के संस्कारों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि वह धर्म, संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं से जुड़े रहें।
उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट रहकर आपसी भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन पूजा-अर्चना, मंदिर दर्शन, मस्तक पर तिलक धारण करने, बड़ों का सम्मान करने और जीवों की सेवा जैसे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान व्यास ने श्रीहनुमान के लंका प्रवेश, रावण के महल का निरीक्षण, विभीषण-हनुमान मिलन, अशोक वाटिका में माता सीता के दर्शन, रावण-सीता संवाद सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
इस दौरान नितिन रुहेला, यजमान राजेश पवार, योगेंद्र विश्नोई, उर्मिला, नितिन शर्मा, शेखर सोम, विनोद सोम, रवीश सोम, मोहित ठाकुर, रजनीश बुद्धिराजा, रक्षित गर्ग, पूजा, वर्षा, अंजलि, विजय लक्ष्मी आदि व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।