मेरठ। शहर में 80 हजार स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं में से 57 हजार उपभोक्ताओं ने 20 करोड़ की बिजली फूंक दी। नेगेटिव बैलेंस के बावजूद उपभोक्ता स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज नहीं करा रहे। मेरठ जोन प्रथम यानि शहर में 80 हजार में से 57,492 ऐसे उपभोक्ताओं को सूचीबद्ध किया गया है, जिनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे है और वह लगातार बिजली का तो उपयोग कर रहे है, लेकिन बिजली बिल जमा नहीं कर रहे है।
बकाया राजस्व वसूली के लिए बृहस्पतिवार को विक्टोरिया पार्क स्थित मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम मुनीश चोपड़ा के कार्यालय में अवर अभियंता स्तर तक के कार्मिकों की बैठक हुई। मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा ने समीक्षा की और निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को घर-घर जाकर उन्हें नोटिस तालीम कराएं और नेगेटिव बैलेंस वसूलने के साथ उपभोक्ताओं को जागरूक करें कि वह स्मार्ट प्रीपेड मीटर को रिचार्ज करें।
अधीक्षण अभियंता शहर मोहम्मद अरशद ने अधिशासी अभियंताओं, एसडीओ, जेई, एई को सूचीबद्ध किये 57 हजार उपभोक्ताओं को नोटिस उपलब्ध कराएं। अधिशासी अभियंता महेश कुमार, प्रशांत सोनी एवं रोहित कन्नौजिया ने बैठक में बिजली बिल राहत योजना 2025-26 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मोबाइल व्हाट्सएप पर योजना को लेकर पावर कारपोरेशन की ओर से जारी की गई ऑडियो क्लिप भी शेयर की। बिजलीघरों पर योजना के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष काउंटर स्थापित करने के भी निर्देश दिये।