शामली। विद्युत निगम के अधिकारी बिजली चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जिले के चार डिविजन शामली, कैराना, थानाभवन, कांधला में बड़े स्तर पर बिजली चोरी की जा रही है। जिले में हर माह लगभग 1.17 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है। ै15.56 प्रतिशत तक लाइन लास चल रहा है। पिछले दो माह में चार हजार स्थानों पर बिजली चोरी भी पकड़ी है।
जिले में 2 लाख 82 हजार उपभोक्ता हैं। जिनमें से 1 लाख 83 हजार 779 उपभोक्ताओं पर 313 करोड़ से अधिक रुपये बकाया है। हाल ही में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने एक मुश्त योजना चलाकर बकाया बिल भी जमा कराया। लोगों ने योजना के तहत दिलचस्पी नहीं दिखाई।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने फरवरी माह की समीक्षा तो एक माह में 1.17 करोड़ की बिजली चोरी सामने आई। इसी माह लायन लॉस की समीक्षा हुई तो सामने आया कि चारों डिविजनों में औसतम कुल 15.56 प्रतिशत की बिजली चोरी हुई है। हालांकि यह पिछले साल से कम है। देहात क्षेत्र में अधिक बिजली चोरी हो रही है।
विद्युत विभाग अधिकारियों ने अधिक बिजली चोरी करने वाले 50 से अधिक गांवों को चिह्नित कर रखा है, फिर भी बिजली चोरी रोक नहीं पा रहे हैं। हर माह जिले को 55 करोड़ रुपये निगम के खाते में जमा करने होते हैं। गर्मी में ट्रांसफार्मरों कीक्षमता बढ़ाने की तैयारी चल रही है, ताकि गर्मी में लोगों को परेशानी न हो और ओवरलोडके कारण बिजली कट न लगाना पड़े।
अधीक्षण अभियंता राजेश तोमर ने बताया कि अभियान के तहत हाल ही में चार हजार से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। उपभोक्ता बकाया बिल भी जमा कराएं। ग