मेरठ। दिल्ली रोड स्थित परतापुर बराल में लगाए गए प्लांट में शहर से निकलने वाले आरडीएफ (रिफ्यूज्ड ड्राइव फ्यूल) से बिजली बनाई जाएगी। जिसकी शुरूआत एक मेगावाट बिजली प्लांट से की जाएगी। प्लांट के लिए पॉवर परचेज्ड एग्रीमेंट (पीपीए) को स्वीकृति दिए जाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के राज्य सचिव ने नगर विकास प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।
परतापुर क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपना निजी प्लांट लगाया हुआ है। जो शहर की जनता को कूड़े से निजात दिलाएगा। शहर के कूड़े (प्लास्टिक, कपड़ा, पॉलिथीन, लकड़ी आदि) का इस्तेमाल आरडीएफ तैयार करने में किया जाएगा, जिससे बिजली बनाई जाएगी। नगर निगम कंपनी मालिक को परतापुर प्लांट पर आरडीएफ उपलब्ध कराएगा। जिसकी एवज में नगर निगम कंपनी मालिक से 50 पैसे प्रति किलो वसूलेगा। हालांकि, बताया यह जा रहा है कि नगर निगम को यह धनराशि तब वापस मिलनी शुरू होगी, जब पॉवर कॉरपोरेशन से बिजली की धनराशि कंपनी को मिलेगी। मामला शासन में पहुंच गया है।
राज्य स्वच्छ भारत मिशन के राज्य सचिव अनुराग यादव ने नगर विकास प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह को पत्र भेजा है। उन्होंने एक मेगावाट प्लांट के लिए पीपीए हस्ताक्षरित किए जाने के लिए शासन स्तर से परियोजना की संस्तुति कराने की बात कही है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन पर अपनी सहमति भी दी है।