मेरठ। कोरोना काल में प्रभावित राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिए पीवीवीएनएल ने बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। एक लाख से ज्यादा के बकायेदारों को बदनामी का डर दिखाकर वसूली की जाएगी। इसके लिए हर बिजलीघर क्षेत्र में दस सबसे बड़े बकायेदारों के नामों की सूची चस्पा की जाएगी। इन उपभोक्ताओं की कॉलोनी में भी सूची को चस्पा किया जाएगा।
यूपीपीसीएल ने दस हजार और एक लाख से ज्यादा के बकायेदारों से वसूली करने के निर्देश दिए हैं। बकायेदारों पर कंपनी के करोड़ों रुपये फंसे होने से राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए यूपीपीसीएल ने प्रदेश की सभी डिस्कॉम को एक लाख से ज्यादा के बकायेदारों से विशेेष रणनीति के तहत बकाया वसूलने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत इन बकायेदारों की सूची बिजलीघर और उनकी कॉलोनी में चस्पा कर बदनाम करने की चेतावनी देगा। इसके बाद भी उपभोक्ता बकाया बिल अदा नहीं करेगा तो उसका नाम और बकाया राशि की सूची चस्पा कर दी जाएगी।
पीवीवीएनएल के सभी 14 जनपदों में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब दस हजार है। अकेले मेरठ शहर सर्किल में ही करीब 600 उपभोक्ता हैं जिन पर ऊर्जा निगम के एक लाख रुपये से ज्यादा बकाया हैं। वहीं, दस हजार रुपये से ज्यादा के बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या करीब 11 हजार है। दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर करीब 80 करोड़ रुपये बकाया हैं। कंपनी के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर मुख्य अभियंता मेरठ जोन ने सभी सर्किल को हर बिजलीघर के दस सबसे बड़े बकायेदारों की सूची बिजलीघर और उनकी कॉलोनियों में चस्पा करने को कहा है।
अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह ने बताया कि बड़े बकायेदारों से वसूली नहीं होने से निगम को दिक्कत हो रही है। सभी बिजलीघरों पर टॉन टेन बकायेदारों की सूची पहुंचा दी है। बिल अदा नहीं करने पर सूची चस्पा करा दी जाएगी।