शहर के प्रतिष्ठित एलेक्जेंडर क्लब की दो वर्षीय कार्यकारिणी के चुनाव में जमकर वोटिंग हुई। रविवार को हुए चुनाव में 1014 सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दोनों ही पैनलों ने एक-एक वोट के लिए पूरा जोर लगाया। हालांकि , 158 सदस्य मतदान से दूर रहे। सोमवार (आज) को मतों की गणना के साथ चुनाव के नतीजे भी घोषित हो जाएंगे।
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मतदान रविवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। चुनाव में दो पैनल के कुल 28 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव अधिकारी इंदर गर्ग ने बताया कि कुल मतदाताओं की संख्या 1172 है। इनमें से 1014 सदस्यों ने मतदान किया। सभी को पहचान पत्र के आधार पर प्रवेश दिया गया। सुबह मतदान धीमी गति से हुआ पर बाद में सभी सदस्य अपने-अपने पैनल के समर्थकों के साथ पहुंचे। इससे वोटिंग का प्रतिशत बढ़ गया। दरअसल, इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर दोनों पैनलों ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। प्रचार के अंतिम दिन अरविंदनाथ सेठ, राकेश जैन, सीएल दास पैनल ने अपने हिसाब से पूरा इंतजाम किया। एक होटल में मतदाता सदस्यों को परिवार समेत आमंत्रित कर उनके लिए दावत का इंतजाम किया। उधर, वीके बसंल, संजय कुमार, जेपी अग्रवाल पैनल ने अपने अंदाज में मैदान मारने की तैयारी की थी। उन्होंने मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दिया। पिछली कार्यकारिणी पर कई सवाल भी उठाए गए। दोनों पैनलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पिछले कई दिनों से जनसंपर्क अभियान चला रखा था। इसका असर रविवार को चुनाव के दिन भी दिखा। इस मौके पर पूर्व आईएएस अधिकारी आरके भटनागर ने भी चुनाव में सहयोग किया।
नौ बजे से शुरू होगी मतगणना
एलेक्जेंडर चुनाव में अरविंद नाथ सेठ-राकेश जैन
चुनाव अधिकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह नौ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से कराने और मतदान प्रक्रिया पूरी करने में सभी सदस्यों ने सहयोग किया। उन्होंने कहा कि मतगणना भी इसी तरह शांतिपूर्ण तरीके से होगी। दरअसल, डीएम इस क्लब के अध्यक्ष होते हैं और प्रतिष्ठा के हिसाब से यह चुनाव अहम माना जाता है। पिछली दिनों क्लब काफी विवादों में रहा है। चुनाव में भी दोनों पैनल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। सचिव पद को अहम माना जाता है। इसके लिए मुकेश गुप्ता और गौरव अग्रवाल आमने-सामने हैं। मुकेश गुप्ता पिछला चुनाव भी सचिव पद के लिए लड़े थे।
अंतिम क्षण तक वोट लेने की कसरत
मुकेश गुप्ता अपनी टीम के साथ गेट पर ही डटे रहे और मतदाताओं से समर्थन मांगा। दूसरे पैनल की टीम भी वहीं डटी रही और अपने पक्ष में वोट करने की अपील करती रही। इसके अलावा मतदाताओं के लिए गेट पर ही टेंट लगाकर खाने का इंतजाम किया गया था।