जिस तरह सपा-बसपा के गठबंधन में यूपी के बिजनौर से सपा की पूर्व विधायक ने बसपा का दामन थाम लिया है वहीं बिजनौर लोकसभा से उनका चुनाव लड़ना पक्का माना जा रहा है। उधर एक हजार समर्थकों ने भी बसपा में शामिल होने की बात कही है।
बसपा सूत्रों के अनुसार, रुचिवीरा के बाद कुछ और बड़े नेताओं तक भी बसपा अपनी पहुंच बना रही है। चर्चाएं तो यहां तक भी हैं कि तकरीबन दो दर्जन से भी ज्यादा नेताओं से बसपा हाईकमान संपर्क साधे हुए हैं। कहा जा रहा है कि नए साल के मौके पर कई बड़े नेता बसपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
गौरतलब है कि बसपा 2009 के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस चुनाव में बसपा ने 27.20 प्रतिशत वोट हासिल किए थे जो सबसे अधिक थे। इस चुनाव में बसपा को बीस सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जाहिर है 'बुआ और बबुआ' आगामी चुनाव में बाजी पलट सकते हैं।
वहीं इस नजरिए का दूसरा पहलू यह भी है कि सपा बसपा गठबंधन के बाद जो दिग्गज पार्टी में अदला बदली करना चाह रहे थे उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। दुसरी तरफ अन्य दलों के नेताओं के लिए यह राह आसान हुई है यानी अब यदि वे चाहेंगे तो सपा बसपा के झंझट से बचकर उनके पास सीधे बसपा में शामिल होने का विकल्प बचा रहेगा।