सहारनपुर शहर के शालीमार गार्डन में एक बुजुर्ग कारोबारी की लकड़ी के फट्टे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सोमवार तीसरे पहर हत्या का खुलासा हुआ तो इलाके में सनसनी फैल गई। तीन साल से परिवार से अलग रह रहे बुजुर्ग की हत्या का मोटिव ढूंढने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। यह भी पता चला है कि कारोबारी के मकान को बेचने की बात चल रही थी।
कोतवाली देहात के शालीमार गार्डन निवासी जगदीश चंद मित्तल (75) का खून से लथपथ शव सोमवार तीसरे पहर घर में पड़ा मिला। लंबे समय तक तौलियों के कारोबार से जुड़े रहे जगदीश मित्तल कई बरस से परिवार से अलग रह रहे थे। तीसरे पहर साढ़े तीन बजे के करीब ताश खेलने के लिए उनके साथी मित्तल के आवास पर पहुंचे थे। आवाज देने के बाद जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजे को जोर से धक्का दिया गया, जिससे गेट टूट गया। अंदर जाकर देखा तो जगदीश चंद मित्तल बिस्तर से मृत अवस्था में पड़े थे। शोर मचा तो मौके पर लोगों का जमावड़ा हो गया। बेटे दिनेश मित्तल की सूचना पर मौके पर आकर कोतवाली देहात इंस्पेक्टर अमरदीप लाल ने जांच पड़ताल की। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, सीओ द्वितीय मुकेश मिश्रा ने घटनास्थल निरीक्षण के बेटे जगदीश के बेटे दिनेश मित्तल से हत्या के कारणों पर बातचीत की। एफएसएल की टीम ने मौके पर आकर घटनास्थल से साक्ष्य उठाए हैं। सीओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि जगदीश मित्तल के दो बेटे हैं, जिनमें से बड़ा मुंबई में है, जबकि छोटा दिनेश अपने परिवार के साथ अलग रहता था। मनमुटाव के चलते जगदीश तीन साल से मकान में अकेला रहता था। मकान में इन दिनों निर्माण कार्य भी चल रहा था। जगदीश की हत्या सिर पर लकड़ी का फट्टा मार कर की गई है। उन्होंने बताया कि हत्या के कई कारणों को लेकर जांच पड़ताल शुरू की गई है। एक-दो दिन में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।